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बिहार के पूर्व डीजीपी डीएन गौतम ने की झारखंड में हो रहे SIR की तारीफ, कहा- नागरिता के नाम पर NRC की बात आ जाती है सामने

झारखंड पहुंते बिहार के पूर्व डीजीपी डीएन गौतम ने चुनाव आयोग के SIR की सराहना की है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.

SIR in Jharkhand
बिहार के पूर्व डीजीपी डीएन गौतम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 2, 2026 at 6:58 PM IST

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रांची: झारखंड दौरे पर आए बिहार के चर्चित पूर्व डीजीपी डीएन गौतम ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सराहना की है. उन्होंने कहा कि इस देश को यह जानने का हक है कि हमारे नागरिक कौन हैं. जब हम यह प्रश्न पूछते हैं तो बात एनआरसी पर आ जाती है.

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे पूर्व डीजीपी

चुनाव आयोग के दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे बिहार के पूर्व डीजीपी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि देश में पहले भी एसआईआर हुए हैं, मगर इतने वृहत और व्यापक रूप से नहीं हुआ है.

बिहार के पूर्व डीजीपी डीएन गौतम का बयान (ETV Bharat)

कार्यक्रम अच्छा, लेकिन पारदर्शिता पर जोर

पूर्व डीजीपी डीएन गौतम ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा चल रहा यह कार्यक्रम बहुत ही अच्छा है, मगर इसमें पारदर्शिता और लाख कोशिशों के बावजूद कुछ न कुछ कमी होने की संभावना है. इसके बावजूद इसके माध्यम से यह जरूर तय हो जाएगा कि हमारे देश का नागरिक कौन है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हमारे देश में हमारे लोग बनाएंगे या जिनको नहीं बनानी चाहिए वह बनाएंगे. एसआईआर से डेमोक्रेसी और भी शुद्ध होगा.

झारखंड में एसआईआर पर टिप्पणी

झारखंड में चल रहे एसआईआर पर डीएन गौतम ने कहा कि जहां प्रोब्लम ज्यादा है वहां इश्यू ज्यादा है. यहां के लोगों को प्रोब्लम को लेकर जागरूक होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उनका हक है जागरूक होना और उनकी ड्यूटी भी है. डीएन गौतम ने कहा कि झारखंड झारखंड के लोगों के हाथों में होना चाहिए इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि सभी लोगों को मिलजुल करके इसे सफल बनाना चाहिए. सिर्फ चुनाव आयोग इसे सफल नहीं बना सकता जब तक कि लोगों की इसमें भागीदारी नहीं होगी.

अवैध घुसपैठियों की समस्या पर भी बोले

उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अवैध घुसपैठियों की समस्या देश में है, इसे आंखें नहीं मूंदी जा सकती. उन्होंने इस संबंध में सिलीगुड़ी के रास्ते गुजरने का अपना अनुभव बताते हुए कहा कि इस संबंध में हमने सवाल भी खड़े किए थे.

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