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साइबर अपराध पर लगाम लगाने की कवायद, सीएस पहुंचे पुलिस मुख्यालय, साइबर क्राइम कॉल सेंटर पर सुनी कॉल

:साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए R4C को ऑपरेशनल मोड में लाने की कवायद.

CYBER ​​CRIME COORDINATION CENTER
पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेते मुख्य सचिव (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 28, 2026 at 6:18 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: प्रदेश में लगातार बढ़ते साइबर अपराध के मामलों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) का गठन किया गया है. इसे ऑपरेशनल मोड में लाने की कवायद तेज हो गई है. इसी कड़ी में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास गुरुवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचे. उन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण और साइबर हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को लेकर उच्चस्तरीय बैठक ली. इस दौरान डीजीपी राजीव शर्मा ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए.सावंत का स्वागत किया. मुख्य सचिव करीब ढाई घंटे तक पुलिस मुख्यालय रहे और साइबर क्राइम सेल की संरचना, कार्यविधि और साइबर हेल्पलाइन 1930 के क्रियान्वयन की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को कई सुझाव दिए. साथ ही राज्य सरकार की ओर से पुलिस को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया.

मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के संचालन, कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम और साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन 1930 को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाया जाए. इसके लिए अगले 30 दिन में विस्तृत पॉलिसी प्लान के इम्प्लीमेंटेशन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्रवाई की जाए. इस दौरान मुख्य सचिव ने पुलिस मुख्यालय में साइबर अपराधों के लिए स्थापित कॉल सेंटर का भी निरीक्षण किया और कई लाइव कॉल्स को सुना.

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास (ETV Bharat Jaipur)

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उन्होंने देखा कि किस प्रकार साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हो रही हैं और एफआईआर व जांच की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है. एडीजी (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई के लिए तकनीकी क्षमता व समन्वय को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि राजस्थान साइबर क्राइम एंड को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) को जल्द पूरी तरह क्रियान्वित किया जाए. मौजूदा कॉल सेंटर सिस्टम में सुधार किए जाएं ताकि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज और प्रभावी हो सके.
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41 साइबर थानों की हर महीने होगी समीक्षा: मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के 41 साइबर सुरक्षा पुलिस स्टेशनों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मासिक समीक्षा व्यवस्था विकसित होगी. अधिकारियों के साथ विशेष कार्यशालाएं भी होंगी. साइबर अपराध रिपोर्ट होने और संबंधित बैंक खातों को ब्लॉक करने के बीच लगने वाले समय का भी गहन विश्लेषण किया जाएगा, ताकि पीड़ितों को त्वरित राहत मिल सके. उन्होंने कहा कि एक महीने में खास कार्ययोजना बनाकर काम करने पर साइबर अपराध के पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने में मदद मिलेगी.

टेलीफोन लाइन और ऑपेरटर बढ़ाए जाएंगे:

  • पीड़ित को तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल सुविधा मिले, इसके लिए टेलीफोन लाइन व कॉल ऑपरेटर की संख्या 15 जून तक बढ़ाई जाएगी.
  • साइबर अपराध रिपोर्टिंग और शिकायत निवारण की गुणवत्ता सुधार के लिए मासिक रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी.
  • प्रदेश के साइबर थानों को प्रतिदिन अपनी उपलब्धियों व कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए.
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर 1930 कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी व उपयोगी बनाया जाएगा.