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श्रमिक को निवाला बनाने वाले बाघ को महज 3 घंटे में किया गया ट्रेंकुलाइज, लोगों ने ली राहत की सांस

रामनगर में श्रमिक को निवाला बनाने वाले बाघ को वन प्रभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा.

Ramnagar Tiger Terror
बाघ को किया गया ट्रेंकुलाइज (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 5, 2026 at 9:19 AM IST

3 Min Read
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रामनगर: नैनीताल के रामनगर वन प्रभाग में बीती सायं फिर बाघ के हमले से सनसनी फैल गई. कोटा रेंज के पाटकोट क्षेत्र अंतर्गत भलोन गांव में रविवार देर शाम एक बाघ ने मजदूर पर हमला कर उसकी जान ले ली. घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज तीन घंटे के भीतर हमलावर बाघ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.

घटना रविवार सायं लगभग 6 बजकर 45 मिनट पर हुई. बाघ ने पाइपलाइन बिछाने के कार्य में लगे एक मजदूर पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. मृतक की पहचान अभिमन्यु कुमार पुत्र भगेलू साह (उम्र 30 वर्ष), निवासी- जोकटिया, थाना मझौलिया, जिला बेतिया (पश्चिम चंपारण), बिहार के रूप में हुई है. अभिमन्यु कुमार सिंचाई विभाग के अंतर्गत चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य के लिए रामनगर आया हुआ था. घटना की सूचना मिलते ही रामनगर वन प्रभाग की टीम अलर्ट हो गई. डीएफओ ध्रुव मार्तोलिया ने बताया कि सूचना मिलते ही तीन रेंज की संयुक्त टीम, वेटरनरी डॉक्टर और क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को मौके पर रवाना किया गया.

वन प्रभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज किया बाघ (Video-ETV Bharat)

वन विभाग की टीम शाम करीब 7 बजे घटनास्थल पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. लगातार प्रयासों और कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 11:30 बजे बाघ को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया गया. डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि ट्रेंकुलाइज करने के बाद बाघ को रेस्क्यू वैन में सुरक्षित तरीके से रखा गया और उसे ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जा गया है. उन्होंने कहा कि टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा मानकों के तहत यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया.

वहीं, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा ने जानकारी दी कि वे उस समय जोशीमठ में थे, लेकिन जैसे ही क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की सूचना मिली, तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किया गया बाघ मादा है, जिसकी उम्र लगभग 2 से ढाई वर्ष है. बाघ पूरी तरह स्वस्थ है और फिलहाल उसे निगरानी में रखा जाएगा.

गौरतलब है कि उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. पिछले एक सप्ताह के भीतर बाघ के हमले की यह तीसरी घटना है. इससे पहले टोटाम के क्यारी गांव और सांवल्दे क्षेत्र में बाघ के हमलों में दो महिलाओं की जान जा चुकी है. ताजा घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जंगल से सटे इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है.

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