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मासूम की जान लेने वाले लेपर्ड के बाद अब खूंखार भालू कैद! रणथंभौर वन विभाग का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

वन विभाग ने रणथंभौर के आसपास ग्रामीणों से आबादी में वन्यजीव दिखने पर उसे घेरने की बजाय विभाग को सूचना देने की अपील की है.

Bear Rescued in Ranthambore Range
पिंजरे में कैद भालू (ETV Bharat Swai Madhopur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 25, 2026 at 9:19 AM IST

2 Min Read
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सवाईमाधोपुर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलौदी रेंज के दुमोदा गांव में हाल ही में लेपर्ड के हमले में तीन वर्षीय मासूम की मौत के बाद वन प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वन विभाग ने दुमोदा-कैलाशपुरी इलाके में वनकर्मियों की टीमें तैनात की हैं और आबादी क्षेत्र के पास हिंसक वन्यजीवों के मूवमेंट को देखते हुए उन्हें पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं. दो दिन पहले बच्चे पर हमला करने वाला लेपर्ड पिंजरे में कैद हुआ था, अब एक स्लॉथ भालू (रीछ) भी पिंजरे में कैद हुआ है.

रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि फलौदी रेंज के कैलाशपुरी एवं दुमोदा क्षेत्र में लेपर्ड के साथ-साथ पिछले कुछ समय से एक स्लॉथ भालू भी बार-बार आबादी में आ रहा था. भालू की लगातार मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने कई जगह पिंजरे लगाकर विशेष निगरानी एवं रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसके तहत भालू पिंजरे में कैद हो गया. वन विभाग की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि आमजन को खतरा न हो और भालू को भी क्षति न पहुंचे.

पढ़ें: रणथंभौर के दुमोदा में 3 साल के मासूम को उठा ले गया लेपर्ड, दर्दनाक मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने किया हंगामा

डीएफओ ने बताया कि आबादी में वन्यजीवों की लगातार गतिविधि को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है. विभाग की प्राथमिकता मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकना तथा वन्यजीवों की सुरक्षित निकासी एवं संरक्षण सुनिश्चित करना है. उन्होंने कैलाशपुरी, दुमोदा व आसपास के ग्रामीणों से अपील की कि यदि आबादी में वन्यजीव दिखे तो उसके पास जाने, घेरने या भीड़ लगाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें. वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व सुरक्षित व्यवहार अपनाकर सहयोग करें.स्लॉथ भालू का रेस्क्यू कर स्वास्थ्य जांच की गई और फिर उसे रणथंभौर के घने जंगलों में छोड़ दिया गया. लेपर्ड के बाद भालू के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.