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विश्व पर्यावरण दिवस: PCCF से लेकर DFO तक झाड़ू लेकर उतरे जंगल में, होरहाप में पॉलीथिन चुनकर दिया बड़ा संदेश

झारखंड वन विभाग की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस पर अनूठी पहल की गई है.

Cleanup drive in Horhap forest
रांची के होरहाप जंगल में सफाई करते वन विभाग के अधिकारी. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 2, 2026 at 8:17 PM IST

3 Min Read
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रांचीः विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर झारखंड वन विभाग ने राजधानी रांची के होरहाप फॉरेस्ट रेस्ट हाउस क्षेत्र में एक अनूठा जागरुकता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. "कम प्रदूषण, ज्यादा जीवन" और "प्रकृति को बचाएं, वन्यजीव संरक्षित करें और हरित भविष्य बनाएं" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने खुद जंगल में उतरकर प्लास्टिक कचरा और पॉलीथिन साफ किया.

पीसीसीएफ के नेतृत्व में चलाया गया अभियान

सुबह छह बजे से शुरू हुए अभियान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) संजीव कुमार, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सहित डीएफओ श्रीकांत वर्मा और वन विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी एक जैसी हरी टी-शर्ट और पीली टोपी पहनकर शामिल हुए. अधिकारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर जंगल में फैले प्लास्टिक कचरे को हटाया और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया.

Cleanup drive in Horhap forest
रांची के होरहाप जंगल में वन विभाग के अधिकारी. (फोटो-ईटीवी भारत)

पॉलीथिन है जंगल और वन्यजीवों का दुश्मन

अधिकारियों ने कहा कि जंगलों में फेंकी गई पॉलीथिन और प्लास्टिक पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है. यह न केवल मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करता है, बल्कि वर्षा जल के प्राकृतिक संचयन में भी बाधा डालता है. वन्यजीव अक्सर भोजन समझकर पॉलीथिन निगल लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है. इसलिए जंगलों को प्लास्टिक मुक्त बनाना समय की जरूरत है.

बच्चों ने की बर्ड वॉचिंग, सीखे प्रकृति संरक्षण के गुर

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया. बच्चों ने दूरबीन की सहायता से बर्ड वॉचिंग की और जंगल में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की पक्षियों को करीब से देखा. वरिष्ठ वन अधिकारी एटी मिश्रा ने बच्चों को 25 से अधिक पक्षी प्रजातियों की जानकारी दी. जंगल भ्रमण के दौरान बच्चों को पर्यावरणीय संतुलन में पेड़-पौधों, पक्षियों और वन्यजीवों की भूमिका समझाई गई.

Cleanup drive in Horhap forest
टीम के साथ झारखंड वन विभाग के अधिकारी. (फोटो-ईटीवी भारत)

जंगल हैं प्राकृतिक एयर कंडीशनर- PCCF

इस मौके पर PCCF संजीव कुमार ने कहा कि झारखंड को जंगलों का प्रदेश कहा जाता है और इनकी सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि जंगल प्राकृतिक एयर कंडीशनर की तरह काम करते हैं. ये वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, तापमान नियंत्रित रखते हैं और मानसून समय पर लाने में मदद करते हैं. ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने में जंगलों का संरक्षण सबसे प्रभावी उपाय है.

लोगों की आदत बदलना अभियान का उद्देश्य

वहीं डीएफओ श्रीकांत वर्मा ने कहा कि यह केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जागरुकता की एक सतत पहल है. उन्होंने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार करने और नियमित रूप से स्वच्छता अभियानों में भाग लेने की अपील की. उनके अनुसार स्वच्छ जंगल ही स्वच्छ वायु और बेहतर पर्यावरण की गारंटी है.

Cleanup drive in Horhap forest
रांची के होरहाप जंगल में वन विभाग के अधिकारी. (फोटो-ईटीवी भारत)

जल संरक्षण पर भी हुआ मंथन

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने होरहाप एफआरएच के समीप स्थित चेक डैम का निरीक्षण किया और जल संरक्षण के विभिन्न उपायों पर चर्चा की. अभियान के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त जंगल और हरित झारखंड बनाने का सामूहिक संकल्प लिया.

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