इंदौर में हाउस अरेस्ट हुआ किलर हाथी! कैसे हैदराबाद से नांदेड़ तक पैदल चल साइको बना गजराज
इंदौर में ऑटो ड्राइवर को कुचलने वाले हाथी के इंदौर छोड़ने पर जिला कोर्ट ने लगाई रोक, दूसरे महावत और साधु को देखरेख में लगाया. संदीप मिश्रा की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 6, 2026 at 11:53 AM IST
|Updated : August 6, 2026 at 2:35 PM IST
इंदौर: चंदन नगर थाना क्षेत्र में एक हाथी ने ऑटो चालक को अपनी सूंड में दबाकर कुचल दिया था. जिससे ऑटो चालक की मौत हो गई थी. इस पूरे मामले में वन विभाग ने हाथी को महावत व अन्य के सुपुर्द किया है. वहीं जिला कोर्ट का कहना है कि, हाथी पूरे मामले की सुनवाई होने के बाद ही शहर से बाहर जाएगा. फिलहाल कोर्ट ने हाथी के महावत और साधुओं को जेल भेज दिया है. जिसके चलते हाथी की देखरेख अन्य साधुओं और महावत के द्वारा की जा रही है.
हाथी ने ऑटो चालक को कुचला था
बता दें कि, पिछले दिनों इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र के राज नगर में ऑटो चालक विजय राव क्षेत्र में आए हुए हाथी को गुड़ खिलाने के लिए गया. इस दौरान हाथी ने उसे सूंड से पकड़कर पैरों से कुचल दिया. जिसके कारण उसकी मौत हो गई. जिसके चलते चंदननगर पुलिस ने हाथी को लेकर वन विभाग को पत्र लिखा, तो वहीं महावत और उसके साथ मौजूद साधुओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया. इस पूरे मामले में हाथी के महावत और साधुओं को पुलिस ने पकड़कर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया.

कोर्ट के फैसले तक इंदौर में रहेगा हाथी
दूसरी ओर हाथी को लेकर वन विभाग को इंदौर पुलिस के द्वारा पत्र लिखा गया था. उसके चलते वन विभाग की रेंजर संगीता ठाकुर के द्वारा बताया गया कि, ''हाथी को फिलहाल उसके महावत और साधुओं के सुपुर्द किया गया है. साथ ही उन्हें यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कि जब तक यह पूरा मामला कोर्ट में विचार धीन है तब तक हाथी को इंदौर जिले की सीमा से बाहर नहीं ले जाना है.''
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ट्रक में चढ़ने को तैयार नहीं था हाथी
वन विभाग पूरे ही मामले में हाथी पर निगरानी किए हुए है. उसके रहन-सहन और स्वभाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. प्रारंभिक तौर पर यह बताया जा रहा है कि, हाथी को शूटिंग के लिए हैदराबाद ले जाया गया था. हैदराबाद से जब वापस उज्जैन ट्रक के माध्यम से लाया जा रहा था तो महाराष्ट्र के नांदेड़ में ट्रक का टायर पंचर हो गया था. उसके चलते हाथी को ट्रक से जब वापस उतार कर ट्रक पर चढ़ाया जा रहा था, उस समय हाथी ट्रक में चढ़ने के लिए तैयार नहीं हुआ.
पैदल चलने से चिड़चिड़ा हुआ हाथी
इसके बाद महावत और साधुओं द्वारा कई किलोमीटर दूर तक हाथी को पैदल लाया गया था. जिसके कारण वह चिड़चिड़ा हो गया और नांदेड की घटना के बाद से ही हाथी काफी चिड़चिड़ाने लगा. जिन साधुओं और महावत द्वारा उसकी देख की जा रही है वह भी काफी अलर्ट होते हुए उसे खाद्य सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं. कोई भी हाथी के करीब नहीं जाता है और दूर से ही उसे खाना व अन्य सामग्री दे रहे हैं. हाथी को एक सुरक्षित जगह पर रखा है और लगातार उसके स्वभाव पर निगरानी रखी जा रही है.

