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पौड़ी: आदमखोर गुलदार को मारने के लिए 2 और शिकारी तैनात, PCCF वाइल्डलाइफ ने 14 दिन का दिया समय

पौड़ी गढ़वाल में आदमखोर गुलदार को मारने के लिए वन विभाग ने 2 अन्य शूटर तैनात किए.

SHOOTER DEPLOYED TO KILL LEOPARD
आदमखोर गुलदार को मारने के लिए 2 और शिकारी तैना (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 8, 2025 at 10:55 PM IST

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देहरादून: पौड़ी गढ़वाल में आतंक का पर्याय बने गुलदार को मारने के आदेश जारी किए गए हैं. दरअसल, चार दिन पहले ही इस गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई थी और तभी से इसे पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारी प्रयास में जुटे हुए हैं. हालांकि, सभी प्रयास फेल होने के बाद अब इसे मारने का आदेश जारी किए गए हैं. हालांकि, पूर्व से तैनात दो शूटरों की मदद के लिए अब दो क्षेत्रीय शिकारियों को भी तैनात किया गया है.

पौड़ी में लगातार वन्यजीवों के हमले ग्रामीणों के लिए मुसीबत बने हुए हैं. स्थिति यह है कि अब आम लोग सड़कों पर उतरकर वन विभाग और सरकार के खिलाफ भी मोर्चा खोलते हुए दिखाई दे रहे हैं. शायद कारण ये है कि न केवल वन विभाग वन्यजीवों के हमले को लेकर हर दिन समीक्षा में जुटा हुआ है, बल्कि खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूदा हालातों पर निगरानी रखे हुए हैं.

SHOOTER DEPLOYED TO KILL LEOPARD
आदमखोर गुलदार को मारने के लिए 2 और शिकारी तैना (PHOTO- वन विभाग)

फिलहाल सबसे ज्यादा आक्रोश पौड़ी रेंज के उस क्षेत्र में है, जहां चार दिन पहले ही 42 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल की गुलदार के हमले में मौत हो गई थी. इसके बाद से ही वन विभाग इस गुलदार को पिंजरे में डालने और ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने का प्रयास कर रहा है. लेकिन विभाग के सभी प्रयास असफल साबित हुए हैं. ऐसे में अंतिम विकल्प के रूप में गुलदार को मारने के आदेश जारी किए गए हैं.

खास बात यह है कि इसके लिए वन विभाग ने दो विभागीय शिकारी की भी यहां पर तैनाती की है, लेकिन अभी तक शिकारी इस गुलदार को नहीं ढूंढ पाए हैं. उधर, इन शिकारियों के अलावा वन विभाग की टीम भी लगातार गस्त कर रही है, ताकि गुलदार का पता लगाया जा सके.

उधर, दूसरी तरफ सोमवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और सचिव मुख्यमंत्री भी पौड़ी पहुंचे. प्रमुख सचिव आर के सुधांशु और सचिव विनय शंकर पांडे ने पौड़ी में जाकर लोगों से मुलाकात की और उनके आक्रोश को समझते हुए उन्हें समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया.

इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों से प्राइवेट शूटरों की तैनाती की भी मांग की थी. जिस पर शासन ने मांग को मानते हुए पौड़ी के क्षेत्रीय अनुभवी शिकारी जॉय ह्युकिल और राकेश चंद्र बड़थ्वाल को विभागीय शिकारियों की सहायता के लिए अनुमति दी है. पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ ने 14 दिन का समय दिया है.

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