लाल किला ब्लास्ट मामले में मारे गए 11 लोगों की फोरेसिंक रिपोर्ट दाखिल
एनआईए ने पटियाला हाउस कोर्ट में लाल किला ब्लास्ट में मारे गए 11 लोगों से संबंधित फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल किया,13 जुलाई को सुनवाई का आदेश

Published : July 6, 2026 at 8:28 PM IST
नई दिल्ली: पटियाला हाउस कोर्ट में सोमवार को नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला ब्लास्ट में मारे गए 11 लोगों से संबंधित फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल किया. प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज पीतांबर दत्त ने इस फोरेंसिक रिपोर्ट पर 13 जुलाई को सुनवाई करने का आदेश दिया.
कोर्ट ने आज इस मामले के नौ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया. इसके पहले 27 जून को एनआईए ने पूरक चार्जशीट दाखिल किया था, जिसमें तीन नये लोगों को आरोपी बनाया था. पूरक चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले में कुल 13 आरोपी हो गए हैं. पूरक चार्जशीट में एनआईए ने जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहम भट्ट और मुजफ्फर अहमद ऊर्फ फराज ऊर्फ जफर को आरोपी बनाया है.
तीनों जम्मू के रहनेवाले हैं. इस मामले में एनआईए ने पहली चार्जशीट 14 मई को दाखिल किया था. पहली चार्जशीट में दस लोगों को आरोपी बनाया गया था. एनआईए के मुताबिक इस ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हुई थी. करीब 7500 पेजों की चार्जशीट में एनआईए ने बम ब्लास्ट करने वाले उमर उन नबी (मृतक) को भी आरोपी बनाया है.
एनआईए के मुताबिक 10 नवंबर 2025 को लाल किले के बाहर हुए कार बम विस्फोट की योजना उमर उन नबी ने बनाई थी. उमर उन नबी की मौके पर ही मौत हो गई थी. एनआईए ने आरोपी दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था. एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए थे और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की.
एनआईए के मुताबिक दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई. एनआईए के मुताबिक राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया. वह अक्टूबर 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय में रहने के लिए ले जाया गया. लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को आई10 कार में ब्लास्ट हुआ था. ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी.
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