होली 2026 : राजस्थानी रंग में रंगे विदेशी पर्यटक, फिल्मी गानों पर थिरके, देसी व्यंजनों का चखा स्वाद, सुरक्षा रही चाक चौबंद
सैलानियों ने डीजे की धुन पर डांस करते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली का लुत्फ उठाया.

Published : March 3, 2026 at 3:48 PM IST
|Updated : March 3, 2026 at 4:52 PM IST
जयपुर : राजधानी जयपुर समेत प्रदेश भर में रंगों का त्योहार होली काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. विदेशी सैलानियों के लिए आज राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर की खासा कोठी होटल में होली (धुलंडी) फेस्टिवल आयोजित किया गया. विदेशी सैलानी राजस्थानी कल्चर से रूबरू हुए. फिल्मी और राजस्थानी गानों की धुनों पर विदेशी सैलानी खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए. विदेशी सैलानियों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली फेस्टिवल को सेलिब्रेट किया. करीब 25 से 30 देशों के 4000 पर्यटकों ने होली फेस्टिवल का लुत्फ उठाया. पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए.
राजस्थानी व्यंजनों का लिया आनंद : पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित होली फेस्टिवल 2026 कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने जमकर होली खेली. फिल्मी और राजस्थानी गानों की धुनों पर विदेशी सैलानी जमकर थिरके. सैलानियों ने डीजे की धुन पर डांस करते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली का लुत्फ उठाया. विदेशी सैलानी पूरी तरह राजस्थानी रंग में सराबोर नजर आए. पर्यटकों ने राजस्थानी व्यजंनों का आनंद लिया. विदेशी सैलानियों ने होली फेस्टिवल की तारीफ करते हुए कहा कि बहुत अच्छा लगा और सभी ने काफी एंजॉय किया. पर्यटकों ने जयपुर, राजस्थान और भारत देश की भी जमकर तारीफ की. राजस्थान की संस्कृति और त्योहार की काफी सराहना की. पर्यटन विभाग की ओर से की गई तमाम व्यवस्थाओं की भी जमकर तारीफ की.
पढ़ें. जयपुर में भाजपा कार्यालय पर धूमधाम से मनी होली, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खेला गुलाल
खासा कोठी में होली फेस्टिवल का आयोजन : पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि रंगों का त्योहार होली अपने आप में अनूठा त्योहार है. एक साथ बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी होली पर ही यहां एक जगह त्योहार मनाते हैं. होली एक ऐसा फेस्टिवल है, जिसके लिए पर्यटक भी इंतजार करते हैं. विदेशी सैलानियों के लिए जयपुर के खासा कोठी में होली फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है. यहां वाले विदेशी सैलानियों, ट्रैवल एजेंट और टूरिस्ट गाइड को बहुत विश्वास है.

हजारों पर्यटक पहुंचे जयपुर : करीब 25-30 देश के पर्यटकों ने होली फेस्टिवल में भाग लिया है. करीब 3500 से 4000 पर्यटक पहुंचे हैं. पर्यटकों ने यहां के म्यूजिक और फोक आर्टिस्ट को काफी एंजॉय किया है. पर्यटन विभाग की ओर से गुलाल और खाने-पीने की व्यवस्था की गई. सैलानियों ने दाल के पकोड़े, ठंडाई समेत अन्य राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया. डीजे की धुन पर सैलानियों ने जमकर होली फेस्टिवल का लुत्फ उठाया.

पढ़ें. रंगों में रंगी राजस्थान की धरा: जैसलमेर की गलियों से पुष्कर के घाटों तक होली का उल्लास
ढोल-नगाड़ों पर जमकर झूमे पर्यटक : उपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि जब भी पर्यटक आएं तो हमारा राजस्थानी कल्चर दिखा सकें. होली (धुलंडी) फेस्टिवल में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. विदेशी सैलानियों को कालबेलिया नृत्य, मयूर नृत्य, कच्ची घोड़ी नृत्य और लंगा मांगणियार कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से थिरकने पर मजबूर कर दिया. रंग-बिरंगी गुलाल के रंगों में रंगे पर्यटक, होली त्योहार की परंपराओं और लोक गायन के बीच राजस्थान पर्यटन की आवभगत से भी रूबरू हुए. ढोल नगाड़ों की थाप पर पर्यटक जमकर झूमे. राजस्थानी होली गीतों का भी आनंद लिया.

पढ़ें. HOLI 2026 : रंगों की फुहार में सराबोर हुआ बूंदी, सैलानियों ने भी खेली होली
शेखावत ने बताया कि इस तरह के फेस्टिवल और विशेष आयोजनों से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है. एक टूरिस्ट के आने से 13 लोगों को रोजगार मिलता है. पर्यटन रोजगार का सबसे बढ़िया जरिया है. हमारी कोशिश रहती कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित कर सके. पर्यटकों को सुरक्षित माहौल दिया जा रहा है. आने वाले दिनों में गणगौर का त्योहार आ रहा है. गणगौर के त्योहार पर भी बड़ी संख्या में देसी विदेशी पर्यटक काफी एंजॉय करते हैं.

चप्पे-चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा : होली के त्योहार पर अगर किसी ने हुड़दंग मचाया तो पुलिस सख्ती से निपटेगी. शहर में जगह-जगह पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजीव पचार के मुताबिक हर बार की तरह इस बार भी होली पर प्रदेशभर में सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए गए हैं. पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद पुलिस अधिकारी भी पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद हैं. राजधानी जयपुर में देसी विदेशी सैलानी भी त्योहार मनाने के लिए पहुंचे हुए हैं. सैलानियों से छेड़छाड़ करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वर्दीधारी और सादा वस्त्रों में पुलिस अधिकारियों और जवानों को तैनात किया गया है. जयपुर में 11 एडिशनल एसपी, 45 एसीपी, 80 थाना अधिकारी और 1500 हेड कांस्टेबल-कांस्टेबल के साथ आरएसी की पांच कंपनियां तैनात की गई हैं. ब्रह्मपुरी थाना अधिकारी हेमंत जनागल ने बताया कि हुड़दंग मचाने वाले या रंग में भंग डालने का प्रयास करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए पुलिस तैयार है. शहर में पुलिस का जाप्ता तैनात किया गया है. अभय कमांड सेंटर के जरिए भी सड़कों पर नजर रखी जा रही है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है.
गुप्त वृन्दावन धाम में गौर पूर्णिमा पर श्री कृष्ण-बलराम भक्तों संग खेलेंगे फूलों की होली : राजधानी के गुप्त वृन्दावन धाम में 4 मार्च को गौर पूर्णिमा के अवसर पर श्री कृष्ण-बलराम भक्तों के साथ फूलों की होली खेलेंगे. पूरे धाम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है.
पंचामृत और 108 कलशों से महा अभिषेक : चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य दिवस के रूप में गौर पूर्णिमा मनाई जाती है. धाम के अध्यक्ष श्री अमितासना दास ने बताया कि वैष्णव परंपरा में उन्हें स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना गया है, उनका संदेश है कि हरि नाम ही कलियुग का सबसे बड़ा सहारा है. उन्होंने बताया कि गौर पूर्णिमा पर सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का क्रम शुरू होगा. मंदिर में गौर-निताई का पंचामृत, विभिन्न फलों के रस और 108 पवित्र कलशों के जल से महा अभिषेक किया जाएगा. अभिषेक के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और संकीर्तन होगा.

वहीं, मंदिर प्रवक्ता सिद्ध स्वरूप दास ने बताया कि अभिषेक के बाद भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे. इसमें पारंपरिक मिष्ठान, फलाहार और विशेष प्रसाद शामिल रहेंगे. श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यापक व्यवस्था की जा रही है. इस दौरान हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा. भक्तगण मृदंग और करताल की धुन पर 'हरे कृष्ण' महामंत्र का सामूहिक जाप करेंगे. वहीं दर्शन के लिए सुबह से लगने वाली कतारों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं.
फूलों की होली बनेगी आकर्षण का केंद्र : उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्री कृष्ण-बलराम के साथ फूलों की होली रहेगा. रंगों के जगह सुगंधित फूलों से होली खेली जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद का अनूठा अनुभव होगा. इस दौरान मंदिर परिसर को विविध रंगों के फूलों से सजाया जाएगा. उन्होंने बताया कि गौर पूर्णिमा को लेकर जयपुर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. ऐसे में उन्होंने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है.

