पहली बार युवाओं को नागरी प्रचारिणी सभा में मिलेगा पेड इंटर्नशिप का मौका मिलेगा, जानिए
चीजों को सुरक्षित, संरक्षित लिपिबद्ध करने के साथ ही उनकी टैगिंग, लेवलिंग और नए डिजाइन के कवर पेज बनाने से लेकर तमाम कार्य.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 9, 2026 at 4:13 PM IST
वाराणसी: अगर आप भी साहित्य और हिंदी रचनाओं के साथ ही किताबों से प्रेम करते हैं, तो आपको एक अच्छा मौका मिल रहा है. यह मौका नागरी प्रचारिणी सभा देने जा रहा है. पहली बार युवाओं को सीखने और नागरी प्रचारिणी सभा को मजबूती देने के लिए यहां विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है. सभा में होने वाले कई नए कामों के लिए युवाओं की एक बेहतर टीम तैयार की जा रही है. यह टीम न सिर्फ युवाओं को उनके साहित्य और हिंदी रचनाओं के प्रेम के प्रति और ज्यादा गंभीर करेगी, बल्कि सभा की स्मृतियां और यादों को भी संजोने के साथ सुरक्षित करने का काम करेगी, जिसके लिए सभा को जाना जाता है.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये पहली बार होने जा रहा है. जब युवाओं को सभा में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा. जो बेहतर होंगे, उन्हें यहां आगे काम भी करने का मौका दिया जाएगा. इस बारे में नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल का कहना है कि नागरी प्रचारिणी सभा अपने पुनर्स्थापना के दौर से गुजर रही है. बहुत लंबे वक्त तक यहां पर चीजें मैनेज नहीं थी लेकिन, अब यहां पर रखी 3 लाख से ज्यादा पांडुलिपियों के पन्नों के साथ ही सैकड़ो की संख्या में पुराने साहित्य की किताबों के साथ ही 5000 से ज्यादा बड़ी और समृद्ध पुरानी विरासतों को नए सिरे से टैगिंग करने के साथ कैटलॉगिंग का काम शुरू किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि पहले ही केंद्र सरकार के साथ मिलकर हम इन सारी चीजों को सुरक्षित, संरक्षित करने के लिए इनका digitalization कर रहे हैं. इसके लिए भी हमें बहुत बड़ी संख्या में युवाओं की जरूरत है, इस वजह से हम अब नागरी प्रचारिणी सभा में युवाओं को आमंत्रित कर रहे हैं.
पढ़ने के शौकीन लोगों को मिलेगा मौका: हम इसके लिए मार्च के अंत तक अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए, युवाओं को आमंत्रित करेंगे, यहां पर अलग-अलग राज्यों से लड़के लड़कियां आना चाहे तो वे भी आ सकते हैं. उन्हें हम एक विशेष ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू के जरिए सिलेक्ट करेंगे. हमारे पास एक युवाओं की टीम हो इसके लिए हम लगभग 20 से ज्यादा बच्चों को यहां पर मौका देंगे, जो साहित्य और हिंदी विरासत को संरक्षित करने के साथ ही पढ़ने के शौकीन होंगे.
उनको यहां पर बहुत कुछ सीखने को मिलेगा क्योंकि यहां वह कृतियां मौजूद है जो शायद देश के किसी हिस्से में उन्हें नहीं मिलेंगी. वह यहां आकर अपनी पुरानी संस्कृति सभ्यता परंपरा को संरक्षित करने के तरीके तो सीखेंगे ही साथ ही साथ अपने ज्ञान को बढ़ाने का भी मौका मिलेगा.
शुरूआत में पेमेंट, काम अच्छा तो आगे परमानेंट: व्योमेश का कहना है कि यह विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम गर्मी की छुट्टियों में ही शुरू करना हैं, क्योंकि उस वक्त युवाओं के पास समय होता है, स्कूल-कॉलेज दोनों बंद होते हैं. वह इधर-उधर अपना समय व्यतीत करते हैं या सोशल मीडिया पर चीजों में समय बर्बाद होता हैं. उनका कहना है कि शुरुआत में इसके लिए कुछ निर्धारित भुगतान भी करेंगे और बाद में जिनका काम अच्छा होगा, उन्हें भी मौका देंगे और वह सभा के साथ जोड़कर आगे अपना करियर भी बना सकते हैं.
फिलहाल यह पहली बार होने जा रहा है जब सभा युवाओं को इस स्तर पर तैयार करने के लिए, यहां मौजूद चीजों को सुरक्षित, संरक्षित लिपिबद्ध करने के साथ ही उनकी टैगिंग, लेवलिंग और नए डिजाइन के कवर पेज बनाने से लेकर तमाम कार्यों के लिए युवाओं को शामिल कर उनकी मदद लेगी. इससे न सिर्फ युवाओं का साहित्य हिंदी और सभा के प्रति प्रेम बढ़ेगा, बल्कि गुम हो रही पढ़ने की पद्धति को भी युवाओं में जागृत करने की कोशिश की जाएगी.
ऐसे हो सकते हैं शामिल-
- नागरी प्रचारिणी सभा के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर अपडेट के लिए एक्टिव रहें.
- साहित्य नॉलेज और हिंदी लेखन में खुद को तैयार रखें.
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनाउंस होने के बाद, गूगल फॉर्म भरकर ग्रुप डिस्कशन में शामिल होना होगा.
- ग्रुप डिस्कशन में सिलेक्ट लोगों को मिलेगा पेड इंटर्नशिप का मौका.
- पेड इंटर्नशिप में सभा में पुरानी चीजों को संरक्षित करने, इनकी टैगिंग करने सोशल मीडिया पर सभा की चीजों का विस्तार करने कैटलॉग बनाने, नए कवर पेज और एक्सेल शीट के साथ ही अन्य कंप्यूटर वर्क करना होगा.
- प्रूफरीडिंग से लेकर अन्य कामों के लिए भी तैयार किया जाएगा.

