खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ एक्शन, FDA ने जारी की गाइडलाइन, अनसेफ फूड होगा रिकॉल
फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने आने वाले त्योहारों के मौसम में खाने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 25, 2026 at 1:46 PM IST
देहरादून: रंगों का पर्व होली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, उसी क्रम में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी तेज होती जा रही है. दरअसल, होली और नवरात्रि के दौरान दूध और दूध से बने उत्पादों के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों का काफी अधिक इस्तेमाल किया जाता है. जिसके चलते अधिक मुनाफा कमाने की चाह में दूध और दूध से बने उत्पादों के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो जाती है. ऐसे मामले हमेशा ही सामने आते रहे हैं. इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाए जाने संबंधित गाइडलाइन जारी कर दी है.
खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से मिली जानकारी के अनुसार, दुग्ध और दुग्ध पदार्थों, खाद्य तेल, घी, खाद्य मसालों, आटा, मैदा, बेसन, कुट्टू आटा और नवरात्रि में इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य पदार्थों से संबंधित निर्माण इकाइयों/डेयरी और इसका वितरण करने वाले ट्रांसपोर्टर, थोक/ रिटेल विक्रेताओं का चिन्हीकरण करते हुए इन पर परिवर्तन संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही भारतीय का सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली के स्तर से लीगल एवं सर्विलांस सैंपलिंग के लिए निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं.
मोबाइल टेस्टिंग वैन करेगी मौके पर जांच: एफडीए ने गाइडलाइन जारी कर निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम गठित करते हुए दुग्ध और दुग्ध पदार्थों, मिष्ठान और हाई रिस्क कैटेगरी में वर्णित निर्माण इकाइयों/ डेयरियों के साथ ही थोक और रिटेल विक्रेताओं के दुकानों पर औचक निरीक्षण किया जाए. साथ ही खाद्य पदार्थ और उसमें इस्तेमाल होने वाले चीजों की सघन जांच करते हुए सैंपल एकत्र कर आगे की कार्रवाई करें. इसके लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए मौके पर प्राथमिक जांच करें और उस जांच में मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए सैंपलों का विधिक सैंपल एकत्र कर राजकीय प्रयोगशाला को भेजा जाए.
एक्शन में पुलिस का लिया जाएगा सहयोग: जो सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए जा रहे हैं, उससे संबंधित निर्माण इकाई और सप्लाई चेन से जुड़े हुए वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर), थोक विक्रेता/फुटकर विक्रेताओं को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही सभी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्म पर विशेष निगरानी रखते हुए उनके द्वारा सप्लाई कराई जा रही खाद्य पदार्थों पर निगरानी रखें. किसी बड़ी निर्माण इकाइयों और खाद्य कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस/प्रशासन का सहयोग भी लें. राजकीय प्रयोगशाला की ओर से सैंपल की प्रकृति के अनुसार, प्राथमिकता के आधार पर सैंपलों की जांच की जाएगी. मुख्य रूप से जल्दी खराब होने वाले खाद्य सैंपलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए.
अनसेफ फूड पाए जाने पर कराया जाएगा रिकॉल: खाद्य प्रतिष्ठानों के परिसर का निरीक्षण के दौरान अगर शेड्यूल-4 और खाद्य संरक्षा और मानक अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति पाई जाती है तो उस दौरान धारा- 32 के तहत सूचना जारी की जाए. अनसेफ फूड घोषित होने पर फूड रिकॉल रेगुलेशन के तहत समय पर रिकॉल की कार्रवाई की जाए. यानी बाजार से उस खाद्य पदार्थ को वापस मंगवाया जाए. जिला स्तर पर एलआईयू से समन्वय बनाते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों में सम्मिलित खाद्य कारोबारी/लोगों के संबंध में सूचना एकत्र की जाए. गाइडलाइन के अनुसार किए गए कामों की रोजाना जिला स्तर से मुख्यालय को जानकारियां उपलब्ध कराई जाए.
ज्यादा जानकारी देते हुए एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि,
आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई है. इसको लेकर, स्वास्थ्य सचिव की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इसमें कोई भी लापरवाही ना बरती जाए. ताकि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों से संबंधित कोई भी अप्रिय घटनाएं ना घटित हों. इसको देखते हुए प्रदेश के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में टीमें गठित की गई हैं. ये टीम दूध और दूध से बने उत्पादों की सघन चेकिंग कर रही हैं. इसके अलावा प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्र में भी विशेष निगरानी रखते हुए चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.
-ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त, एफडीए, उत्तराखंड-
साथ ही बताया कि, पिछले कई सालों से त्योहारी सीजन की दृष्टिगत विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है. जिसके तहत दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावटी के मामले सामने आते हैं, तो उस पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है. इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के सर्विलांस सैंपलिंग के भी निर्देश दिए गए हैं. साथ ही बताया कि पहले भी अधिकारियों को ये आदेश दिए गए थे कि कलरफुल मिठाइयों और रीयूज ऑयल के संबंध में जनता को जागरूक करें. साथ ही अगर कलरफुल मिठाइयां या किसी भी होटल रेस्टोरेंट में रीयूज ऑयल का मामला मिलता है तो तत्काल सैंपलिंग की कार्रवाई करें.
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