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कुमाऊं में मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाइयों बरामद, NDPS में मुकदमा दर्ज

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है.

Kumaon Medical Store Action
प्रतिबंधित दवाइयों पर सख्त एक्शन (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 26, 2026 at 8:00 AM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश भर में अभियान चला रही है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर प्रदेशभर में औषधि निरीक्षण की कार्रवाई चल रही है. इसी अभियान के तहत कुमाऊं मंडल में बड़ी छापेमारी कर नशे के कारोबार पर बड़ी चोट की गई है. स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना पुलभट्टा क्षेत्र, उधम सिंह नगर में एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की. यह कार्रवाई स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स (SOTF) कुमाऊं परिक्षेत्र और औषधि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई.

मुखबिर की सूचना पर की गई छापेमारी में एसके मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित ट्रामाडोल (Tramadol) और अल्प्राजोलम (Alprazolam) की कुल 20,142 टैबलेट्स और 50 ट्रामाडोल इंजेक्शन बरामद किए गए. ये दवाएं चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित हैं, लेकिन बिना वैध पर्चे के इनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है. मौके पर मौजूद स्टोर संचालक शकूर खान पुत्र सब्बीर खान, निवासी शक्तिफार्म रोड, ग्राम सेदोरा, चौकी बरा, थाना पुलभट्टा के खिलाफ थाना पुलभट्टा में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब ये जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गईं और किन- किन लोगों तक सप्लाई की जानी थी.

Banned Drug Action
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन (Photo-ETV Bharat)

स्वास्थ्य विभाग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार निरीक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है. अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल गठित किए गए हैं. इन दलों को अपने गृह जिले से बाहर तैनात कर क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है. इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की मिलीभगत की आशंका को समाप्त करना और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में औचक निरीक्षण जारी रहेंगे.

Banned Drug Action
कुमाऊं में पकड़ी गई प्रतिबंधित दवाइयां (Photo-ETV Bharat)

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग युवाओं में तेजी से बढ़ा है. इन दवाओं का सेवन नशे के रूप में किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं. सरकार का मानना है कि मेडिकल स्टोरों के जरिए हो रही अवैध बिक्री पर रोक लगाना बेहद जरूरी है. हालांकि, कुमाऊं में हुई इस कार्रवाई को नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रहा है. प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान से न केवल अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप है, बल्कि आम जनता में भी भरोसा जगा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है. जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पारदर्शिता के लिए क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है और विशेष दल लगातार औचक जांच कर रहे हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा.
सचिन कुर्वे, आयुक्त,खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग

वहीं, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव के साफ निर्देश हैं कि प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. इसके लिए तीन विशेष दल बनाए गए हैं, जो अलग-अलग जिलों में निरीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी दवाओं की बिना पर्चे बिक्री गंभीर अपराध है और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलती है. विभाग ऐसे मेडिकल स्टोरों की पहचान कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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