FNAC Test : शुरुआती दौर में लग सकेगा शरीर की गांठ से कैंसर का पता, नहीं होगी ऑपरेशन की जरूरत
अलवर जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में हो सकेगी एफएनएसी जांच. मात्र एक सुई से लग सकेगा कैंसर का पता.

Published : March 4, 2026 at 6:24 PM IST
|Updated : March 4, 2026 at 6:36 PM IST
अलवर: जिले में कैंसर रोगियों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी चिंता का कारण है, लेकिन अब लोगों को इसकी जांच के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं पड़ेंगे. अब जिला अस्पताल में मात्र एक सुई लगाकर गांठ में कैंसर होने का पता लगाया जा सकेगा. इसके लिए जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में एफएनएसी की जांच शुरू की गई है. इस सुविधा का लाभ यह होगा कि रोगी को शुरुआती दौर में ही कैंसर का पता चल सकेगा और वह समय पर इलाज करा स्वस्थ हो सकेंगे.
अलवर के जिला अस्पताल में अब मरीजों को चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं का विस्तार होने से अलवरवासियों को जल्द लाभ की उम्मीद जगी है. पूर्व में लोगों को कैंसर की जांच के लिए बड़े शहरों एवं निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब मरीजों को कैंसर व शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ की जांच की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध है. इस जांच से व्यक्ति के शरीर में पनपते कैंसर बीमारी का समय रहते पता लगाना आसान हो गया है. यह संभव हो पाया है जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में एफएनएसी जांच शुरू होने से.
एक बारीक सुई से होती है एफएनएसी जांच : जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष मीणा ने बताया कि एफएनएसी सरल और प्रभावी जांच पद्धति है. इसके माध्यम से शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाली गांठ (स्तन, गले की गांठ, थायराइड या लिम्फ नोड) की जांच केवल एक बारीक सुई द्वारा की जाती है. उन्होंने बताया कि इस आधुनिक मशीन के शुरू होने से अब शरीर में होने वाली गांठों से संबंधित बायोप्सी जांच के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा. अब यह सुविधा राजकीय सामान्य चिकित्सालय में नि:शुल्क उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में इस जांच के लिए 800 से 1000 रुपए चुकाने पड़ते थे.
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जिला अस्पताल में पेन एंड पैलिएटिव केयर क्लीनिक के डॉ. विजय चौधरी ने बताया कि जिला अस्पताल में एफएनएसी जांच सुविधा के शुरू होने से मरीजों को समय पर और सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार संभव होगा. इससे कैंसर जैसी घातक बीमारियों के शुरुआती लक्षणों का शीघ्र पता लगाया जा सकेगा. जिला अस्पताल में एफएनएसी जांच सुविधा के शुरू होने से बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिलेगा.
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उन्होंने बताया कि अलवर में बड़ी संख्या में गांठ वाले मरीज अस्पताल जांच के लिए आते हैं. इस जांच से आसानी से पता चल सकेगा कि व्यक्ति के शरीर में होने वाली गांठ चर्बी, इंफेक्शन, कैंसर या सामान्य या टीबी की गांठ है. उन्होंने बताया कि इस जांच के बाद मरीज को संबंधित रोग विशेषज्ञ से परामर्श की सलाह दी जाती है, जिससे उन्हें तुरंत उपचार लेकर स्वस्थ होने में आसानी रहती है.
जांच के लिए चीर फाड की नहीं होती जरूरत : डॉ. विजय चौधरी ने बताया कि एफएनएसी जांच में किसी प्रकार के ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती. जांच प्रक्रिया में व्यक्ति के शरीर में किसी भी तरह की चीर-फाड़ या सर्जरी की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक सूक्ष्म सुई के प्रयोग से यह संभव है. इस जांच के लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती भी नहीं होना पड़ता है. उन्होंने बताया कि अलवर में ही यह जांच होने से मरीजों को अब बड़े शहरों एवं निजी जांच सेंटरों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे. जिला अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क होगी.

