देहरादून: कभी खाई है फूलों की मिठाई? यहां मिलेंगे जेली, हलवा और गुलाब ड्राई फ्रूट, देखते ही मुंह में आएगा पानी
उत्तराखंड में फूलों से बनाई मिठाई और जेली लोगों को काफी पसंद आ रही है. वसंतोत्सव-2026 में कई स्टॉल लगाए गए हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 28, 2026 at 12:55 PM IST
रोहित कुमार सोनी
देहरादून: फूलों का जिक्र होते ही रंग बिरंगे खुशबूदार फूलों की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है. फूलों की खुशबू और उसकी खूबसूरती लोगों का मन मोह लेती हैं. फूलों की महक से महकते वसंत के मौसम में लोकभवन में आयोजित वसंतोत्सव में हमेशा से कुछ ना कुछ खास देखने को मिलता है. ऐसे में वसंतोत्सव 2026 में फूलों से बनी मिठाइयां और जेली लोगों के आकर्षण व चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
पहाड़ी फूलों से बनाई मिठाई: देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित वसंतोत्सव 2026 में फूलों की खूबसूरती और खुशबू के साथ-साथ इनसे बनी 35 तरह की मिठाइयों ने लोगों को अपने स्वाद का दीवाना बना दिया. सरसों के पीले फूलों से लेकर बुरांश की लालिमा तक, हर फूल ने अपनी मिठास बिखेरी है.
दरअसल, फूलों को मिठाई बनने तक के सफर में देहरादून के जाने माने देवेंद्र जोशी का बड़ा योगदान है. वसंतोत्सव 2026 में प्रदेश के तमाम विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए. इसी क्रम में उद्यान विभाग की ओर से अलग-अलग फूलों के जरिए मिठाई, हलवा और जेली तैयार की गई, जो काफी खास है.

देवेंद्र जोशी की अहम भूमिका: देहरादून के शेफ देवेंद्र जोशी ने सरसों का फूल, गुलाब, फ्यूली, मोल, केदारपत्ती, मूली के फूल और बुरांश जैसे पहाड़ी फूलों से मिठाई, हलवा और जेली तैयार किया है. इसके अलावा, भांग का पेड़ा, चिंणा केशर हलवा, बुरांश कौंणी का हलवा, गुलाब ड्राई फ्रूट कतली तैयार किया है, जो लोगों को काफी अधिक पसंद आ रही है. इन मिठाइयों में फूलों को मुख्य इंग्रीडिएंट बनाया गया है. साथ ही इनमें कुछ स्थानीय अनाजों के साथ ही चीनी एवं घी मिलाया गया है.

फूलों से तैयार किया जेली: शेफ देवेंद्र जोशी ने कहा पहाड़ पर बड़े पैमाने पर माल्टा का उत्पादन होता है, लेकिन इसका बेहतर इस्तेमाल नहीं हो पाता है जबकि उन्होंने माल्टा से जेली तैयार किया है, फ्यूली से मिठाई तैयार की गई है. इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्र में तमाम तरह के फूल पाए जाते हैं. जिनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है. यही वजह है कि उन्होंने तमाम फूलों के जरिए मिठाई, जेली और हलवा तैयार किया है.

कैसे बनती है मिठाइयां: कोई भी चीज बनाने के लिए सबसे पहले फूल को जूस फॉर्म में कन्वर्ट करना होता है. इसके लिए फूल को धुलने के बाद उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पीसा जाता है. इसके बाद इसमें तमाम चीजों को मिला करके प्रोडक्ट तैयार किया जाता है. फूलों से 30 से 40 प्रोडक्ट तैयार किए गए हैं. ऐसे में हर दिन अलग-अलग प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. भांग से लोग चटनी बनाते हैं, लेकिन उन्होंने भांग से मिठाई तैयार की है. वो चाहते हैं कि जब लोग पहाड़ आए तो यहां की मिठाई अपने शहर लेकर जाए.


कंडाली की जेली की तैयार: पर्वतीय क्षेत्रों में कंडाली घास काफी अधिक पाई जाती है. कंडाली का इस्तेमाल सब्जी बनाने में किया जाता है. साथ ही इससे कपड़े भी बनाए जा रहे हैं. हालांकि, कंडाली घास के इस्तेमाल के दौरान तमाम सावधानियां बरतनी पड़ती हैं. क्योंकि इसे छूने पर जलन या इचिंग होने लगती है, लेकिन शेफ देवेंद्र जोशी ने कंडाली घास से जेली तैयार की है. साथ ही बताया कि कंडाली स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है.

बता दें कि, बीते 27 फरवरी से देहरादून लोकभवन (राजभवन) में वसंतोत्सव 2026 का आगाज हो गया है. पहले दिन फूलों की कई किस्मों की प्रदर्शनी रखी गई थी. ये महोत्सव यहां तीन दिनों तक चलेगा. इस वर्ष Floral Healing Nature's Path to Well Being की थीम पर काम किया गया है. राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

इस बार वसंतोत्सव में भोज पत्र (Betula utilis) के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं औषधीय महत्व पर विशेष फोकस किया गया है. भोज पत्र का पोस्टल कवर भी जारी किया गया. आम जन तीनों दिनों तक इस प्रदर्शनी का लुत्फ उठा सकते हैं.

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