वृंदावन की तर्ज पर बाबा गरीबनाथ धाम में फूलों की होली, भक्तिमय माहौल में झूमे श्रद्धालु
मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम में श्रद्धा, भक्ति, उल्लास से सराबोर और वृंदावन की तर्ज पर फूलों की होली का भव्य आयोजन किया गया

Published : March 4, 2026 at 12:19 PM IST
देशभर में आज होली का त्योहार मनाया जा रहा है. ऐसे में बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर फूलों की होली का भव्य आयोजन किया गया. इस फूलों की होली को वृंदावन में खेली जाने वाली फूलों की होली की तरह आयोजित किया गया. जिसका जिम्मा सनातन सेवार्थ बिहार एवं रात्रि सेवा दल ने लिया.
मंदिर में रंग-बिरंगे फूलों के साथ खेली गई होली : वृंदावन की तर्ज पर आयोजित इस अनूठे उत्सव में बाबा गरीबनाथ के साथ भक्तों ने फूलों की होली खेली और भक्ति रस में सराबोर हो गए. मंदिर परिसर में गुलाब, गेंदा, चमेली और रजनीगंधा जैसे सुगंधित और रंग-बिरंगे फूलों से होली खेली गई. साथ ही “हर-हर महादेव” के नारे भी लगाए गए.
भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए श्रद्धालु : आयोजन के दौरान भक्त ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए, जिससे वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बन गया. इस अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा ने विधि-विधान से बाबा गरीबनाथ का षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया.

अबीर और गुलाल से भव्य महाश्रृंगार : पूजन के बाद बाबा गरीबनाथ को दूध, दही, घी, मधु और शक्कर से पंचामृत स्नान कराया गया. इसके बाद फूलों की माला, अबीर और गुलाल से भव्य महाश्रृंगार किया गया. आरती हो जाने के बाद श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद बांटा गया.
''यह परंपरा कई वर्षों से निभाई जा रही है. वृंदावन की तर्ज पर फूलों की होली खेलने का उद्देश्य यह है कि बाबा गरीबनाथ सभी श्रद्धालुओं के जीवन में फूलों की तरह सुगंध, सौंदर्य और प्रेम का संचार करें.'' - प्रभात मालाकार, सनातन सेवार्थ के संरक्षक
बाबा के होली खेलने का अनुभव दिव्य और अलौकिक : यह आयोजन सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. कार्यक्रम को दौरान कई श्रद्धालु मौजूद रहे. श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि बाबा गरीबनाथ के सान्निध्य में फूलों की होली खेलने का अनुभव अत्यंत दिव्य और अलौकिक रहा.

महाकाल स्वरूप में हुआ भव्य श्रृंगार : होलीका दहन यानी 2 मारे्च के दिन बाबा को उज्जैन महाकालेश्वर स्वरूप में भव्य रूप प्रदान किया गया था. महाश्रृंगार के बाद बाबा की महा पूजा और महा आरती संपन्न की गई. इसके उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया था.
भक्तों में उत्साह और श्रद्धा : रंगों के इस पर्व पर बाबा के साथ होली खेलने को श्रद्धालु विशेष आस्था से जोड़कर देखते हैं. भक्तों का मानना है कि बाबा गरीब नाथ के साथ रंग-गुलाल खेलना उनकी असीम कृपा का प्रतीक है और इससे जीवन में खुशियों के रंग भरते हैं. आयोजन के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव और उल्लास से सराबोर रहा.
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