रीवा में 7 दिनों से बाढ़ जैसे हालात, घरों में कैद रहे लोग थक हारकर डिप्टी सीएम के पास पहुंचे
रीवा के गायत्री नगर में 7 दिन से जल भराव, देर रात लोगों के सब्र का बांध फूटा, उप मुख्यमंत्री से मिलकर लगाई गुहार. राकेश सोनी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 26, 2026 at 7:53 AM IST
रीवा : आखिरकार 7 दिन बाद गायत्री नगर के लोगों के सब्र का बांध फूट गया. मंगलवार रात वार्ड क्रमांक 10 में के रहवासी 4 फीट तक भरे पानी को पार करते हुए राजनिवास पहुंचे और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से गुहार लगाई. रहवासियों का कहना था कि बीते 19 अगस्त से गायत्री नगर कॉलोनी मे बाढ़ का पानी भरा हुआ है कई घर प्रभावित हैं. सैंकड़ों लोग घरों मे कैद हैं. बच्चे स्कूल और कॉलेज नहीं जा पा रहें. लोग दूषित जल पीकर बीमार हो रहें है. एमरजेंसी में ट्यूब की नाव बनाकर दवाइयां और रोजमर्रा की वस्तुए लाई जा रही हैं और नगर निगम की तरफ से अबतक कोई मदद नहीं मिली.
7 दिन से घरों मे कैद
बीते दिनों रीवा जिले में हुई बारिश से नदी और नाले उफान पर आ गए थे. जिसके चलते शहर के कई इलाकों और सड़कों पर पानी भर गया था. हलांकि एक दिन बाद बारिश थमी और नदियों का जलस्तर तेजी से घट गया. कई वार्डो की स्थिति तो समान्य हो गई लेकिन कुछ इलाके अब भी जलमग्न हैं. इनमे से रीवा के वार्ड क्रमांक 10 में आने वाली गायत्री नगर कॉलोनी भी शामिल है. इस पूरे कॉलोनी मे तकरीबन 3 से 4 फीट तक पानी भरा हुआ है और पिछले 7 दिनों से सैंकड़ो लोग अब भी अपने-अपने घरों मे कैद हैं.
मंगलवार देर रात डिप्टी सीएम से मिले पीड़ित
मंगलवार देर रात गायत्री कॉलोनी के लोगों के सब्र का बांध फूट पड़ा. किसी तरह जलमग्न इलाके को पार करके गायत्री नगर कॉलोनी के कुछ महिला और पुरुष कलेक्टर से मिलने राजनिवास पहुंच गए. वहीं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी मौजूद थे. इस दौरान गायत्री नगर के लोगों ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री को वार्ड के हालातों से अवगत कराया. गायत्री नगर के लोगों का आरोप था कि 19 अगस्त से उनके घरों और मोहल्ले में पानी भरा हुआ है, लेकिन अब तक नगर निगम या प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर हालात देखने नहीं पहुंचा.

नगर निगम दे रहा अजीबोगरीब तर्क
गायत्री नगर कॉलोनी की निवासी ज्योती सिंह कहती हैं, '' निगम कर्मी कह रहे हैं की कॉलोनी के लोगों ने खदान में घर का निर्माण किया है. अगर कॉलोनी के लोगों ने ऐसा किया है तो आपने डायवर्जन और घर बनाने की परमिशन के साथ NOC क्यों दी? और फिर आप टैक्स क्यों लेते हैं? कॉलोनी के लोगों का कहना था की मंगलवार को हुई बारिश के बाद जलस्तर और बढ़ गया. लोग जान जोखिम में डालकर छोटे-छोटे बच्चों और जरूरी सामान के साथ घर छोड़ने को मजबूर हो गए और राज निवास पहुंच गए.
रजिस्ट्री और नक्शा निरस्त करने की धमकी देते हैं अधिकारी
इसी तरह से गायत्री नगर के निवासी शैलेन्द्र द्विवेदी ने कहा, '' पिछले कई वर्षों से बारिश के दौरान गायत्री नगर कॉलोनी मे इसी तरह बाढ़ के हालात बनते हैं, लेकिन नगर निगम के द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता. समस्या की जानकारी देने पर कुछ नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के बजाय रजिस्ट्री और नक्शा निरस्त करने जैसी धमकियां दी जाती हैं.

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत बेअसर
शैलेन्द्र द्विवेदी ने कहा, '' निगम अधिकारी ने कॉलोनी को अवैध कहा है. अगर ऐसा था तो फिर निर्माण की परमिशन क्यों दी गई थी? पिछले 7 दिनों से बच्चे स्कूल और कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं और परिवार के लोग घरों में कैद हैं. जरूरी सामान, दूध, खाने का समान और दवाइयों के लिए लोग ट्यूब की नाव से जान को जोखिम में डालकर किसी तरह आवागमन कर रहे हैं. सीएम हेल्पलाइन में भी कई बार शिकायत की गई मगर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा.''

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की समीक्षा
गायत्री नगर के रहवासियों ने उपमुख्यमंत्री को अपनी समस्या बताई और जलभराव से निजात दिलाने की मांग की और नगर निगम के कुछ अधिकारी और कर्मचारियों की शिकायत की. शिकायत सुनने के बाद गायत्री नगर की समस्या के तत्काल समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए और बुधवार सुबह 8 बजे मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने की बात कही.
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गायत्री नगर का करेंगे निरिक्षण डिप्टी सीएम
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, '' बाढ़ के कारण होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए हर कदम उठाएं जाएंगे. जहां कहीं भी तटबंध और नाले बनाने की आवश्यकता होंगी बनाएं जाएंगे. गायत्री नगर में भी जल भराव की स्थिति है. इसके निकासी के लिए क्या व्यवस्था हो सकती है इसके लिए विशेष रूप से चर्चा हुई है. सीमेंट फैक्टरी से पंप मंगाकर वार्ड में भरे पानी को निकाला जाएगा.'' डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि रहवासियों को किसी भी तरह की धमकियां दीं तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

