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मध्य प्रदेश में जलप्रलय! भिंड में रेड अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, अगले 24 घंटे बेहद खतरनाक

मध्य प्रदेश में आफत की बारिश, सड़कें पानी में डूबी, नदी-नाले उफान पर आए, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए जारी किया अलर्ट. विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

FLOOD LIKE SITUATION MADHYA PRADESH
मध्य प्रदेश में जलप्रलय जैसे हालात (Getty image)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 9, 2026 at 10:27 AM IST

5 Min Read
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​भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है. अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की गंभीर चेतावनी जारी की है. वर्तमान में उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है, जिसके साथ सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है.

इस सिस्टम के कारण प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई रास्ते बंद हो गए हैं और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भिंड जिले में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य कई जिलों के लिए आरेंज और येलो अलर्ट जारी है.

MADHYA PRADESH monsoon
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात (ETV Bharat)

भिंड में रेड और इन जिलों में आरेंज अलर्ट
​मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा लगातार सक्रिय बनी हुई है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए भिंड जिले के लिए अत्यधिक भारी बारिश और वज्रपात का रेड अलर्ट घोषित किया है. इसके अलावा मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम जिलों में भारी से अति भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है.

​नदी-नाले उफान पर, उफनती नदी पार करते समय युवक बहा
​मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश की नदियां और ग्रामीण अंचलों के नाले खतरे के निशान के ऊपर बह रहे हैं. सेंधवा सहित कई ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर होने से बस्तियों का संपर्क टूट गया है. खरगोन जिले के झिरन्या में स्थित पहाड़ी रूपारेल नदी के तेज बहाव को पार करने की कोशिश में एक युवक बह गया, जिसकी तलाश जारी है. वहीं शाजापुर में एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई, जहां स्कूली शिक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनता हुआ नाला पार कर स्कूल पहुंचते नजर आए. रतलाम में भी अंडरब्रिज पर कई फीट पानी भर जाने से यातायात ठप हो गया है.

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भिंड में बारिश का रेड अलर्ट (ETV Bharat)

पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 30 प्रतिशत ज्यादा बरसे बादल
मध्य​ प्रदेश में 1 जून से 8 जुलाई 2026 तक की अवधि में हुई बारिश के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. इस अवधि में पूरे मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 10 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. हालांकि प्रदेश के दोनों हिस्सों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है. जहां एक ओर पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी है और वहां सामान्य से 10 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह मेहरबान है और वहां सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक बारिश रिकार्ड की जा चुकी है.

​पिछले 24 घंटों में इन जिलों में हुई बारिश
​बुधवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में झमाझम बारिश का दौर चला. मौसम विभाग के अनुसार दमोह में पौने 2 इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच तथा खजुराहो-टीकमगढ़ में पौन इंच पानी गिरा. इसके अलावा जबलपुर, खरगोन, बैतूल, दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, सागर, सतना और सिवनी सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है. नर्मदापुरम में मात्र 20 मिनट की तेज बारिश से ही पूरे शहर की सड़कें तरबतर हो गईं.

​तापमान में भारी गिरावट, इंदौर रहा सबसे ठंडा
​लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. मध्य प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में दिन का तापमान सबसे कम 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके बाद जबलपुर में 28.5 डिग्री, उज्जैन में 29.2 डिग्री, ग्वालियर में 29.7 डिग्री और राजधानी भोपाल में 30.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. वहीं प्रदेश में सबसे कम तापमान छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सर्वाधिक तापमान सीधी जिले में 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

​प्रशासन की एडवाइजरी, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें
​मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''अगले 12 घंटों के दौरान वर्तमान निम्न दाब क्षेत्र के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन इसके बावजूद मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. प्रशासन ने उफनते नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले निचले इलाकों के आसपास न जाने की सख्त हिदायत दी है. किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय आपदा प्रबंधन टीम को सूचित करने की अपील की गई है.''