देखते ही देखते आंखों के सामने से गायब हो गया पुल! गुप्ता धाम मंदिर में आफत ने दी दस्तक और..
रोहतास के गुप्ता धाम में कुदरत ने रोद्र रूप धारण कर लिया. पलक झपकते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. रिपोर्ट-रवि कुमार

Published : August 31, 2026 at 2:30 PM IST
रोहतास : बिहार के रोहतास में कैमूर पहाड़ी पर अचानक हुई मूसलाधार बारिश के बाद रोहतास जिले के चेनारी स्थित प्रसिद्ध गुप्ता धाम में पहाड़ी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया. अचानक पहाड़ी नदी में आए तेज उफान के कारण गुप्ता धाम मंदिर परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया. देखते ही देखते नदी का पानी मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास की दुकानों तक पहुंच गया. पानी के तेज बहाव को देखकर वहां मौजूद लोग और दुकानदार सुरक्षित स्थानों की ओर भाग खड़े हुए.
गुप्ता धाम में अचानक बाढ़ : दरअसल पहाड़ी नदी में अचानक आए उफान से गुप्ता धाम में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. जिस स्थान पर कुछ देर पहले श्रद्धालुओं और दुकानदारों की आवाजाही थी, वहां देखते ही देखते पानी ही पानी नजर आने लगा. नदी का बहाव इतना तेज था कि मंदिर परिसर के सामने बना पुल भी पूरी तरह पानी में समा गया. पुल का अधिकांश हिस्सा पानी के नीचे चला गया है और फिलहाल पुल के रेलिंग के कुछ पिलर ही पानी के ऊपर दिखाई दे रहे हैं.
जलमग्न हुआ संंपर्क पुल : तस्वीरों में पानी के बीच दो कतारों में कुछ पिलर दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, ये पुल की रेलिंग के पिलर हैं. पुल का बाकी हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब चुका है. सामान्य दिनों में जिस पुल से लोग नदी के आर-पार आते-जाते हैं, वहां अब तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है.
कैमूर पहाड़ी पर तेज बारिश : बताया जाता है कि कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में अचानक तेज बारिश होने के बाद पहाड़ी नदी में तेजी से पानी बढ़ने लगा. पहाड़ों से पानी नीचे की ओर आने के कारण कुछ ही समय में नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया. पानी के अचानक बढ़ने से गुप्ता धाम परिसर में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. जैसे-जैसे पानी बढ़ता गया, लोग अपने सामान को बचाने की कोशिश करने लगे और बाद में सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए.
दुकानदारों को भारी नुकसान : गुप्ता धाम मंदिर परिसर के आसपास लगी कई दुकानों में भी पानी घुस गया. दुकानदारों द्वारा दुकान के अंदर और बाहर रखे गए सामान पानी में डूब गए. कई दुकानदारों की चौकी, बेंच और अन्य सामान भी पानी में डूब गया. अचानक आए पानी के कारण दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि पानी उतरने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन हो सकेगा.

नदी का रौद्र रूप : गुप्ता धाम मंदिर परिसर के ठीक सामने से पहाड़ी नदी गुजरती है. नदी पर आवागमन के लिए पुल बनाया गया है. सामान्य परिस्थितियों में यह नदी श्रद्धालुओं के लिए इतनी भयावह नजर नहीं आती, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में तेज बारिश होने के बाद अचानक इसमें पानी का बहाव बढ़ जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ.
शिवालय परिसर जलमग्न : पहाड़ी नदी में आए उफान का असर इतना अधिक रहा कि देखते ही देखते पूरा शिवालय परिसर जलमग्न हो गया. मंदिर परिसर में चारों तरफ पानी नजर आ रहा है. नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है और पुल का बड़ा हिस्सा पानी में पूरी तरह छिप चुका है. केवल रेलिंग के पिलर पानी के ऊपर दिखाई दे रहे हैं.
पहाड़ी क्षेत्र का खतरा : गुप्ता धाम कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है. पहाड़ी इलाकों में जब मूसलाधार बारिश होती है तो बारिश का पानी तेजी से ढलान की ओर बहता हुआ नीचे आता है. ऐसे में पहाड़ी नदियों में अचानक उफान की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
"पहाड़ी नदी में पानी का उफान कई बार अचानक आता है. बारिश के दौरान नदी के जलस्तर पर नजर रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ ही समय में पानी का बहाव काफी तेज हो सकता है. इस बार भी कैमूर पहाड़ी पर हुई तेज बारिश के बाद नदी में अचानक पानी बढ़ गया और देखते ही देखते गुप्ता धाम परिसर जलमग्न हो गया."- सुरेश, स्थानीय निवासी

श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों में दहशत : गुप्ता धाम में अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति से श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों में दहशत का माहौल बन गया. पानी के तेज बहाव को देखते हुए लोगों ने नदी और पुल के आसपास जाने से दूरी बना ली. दुकानदारों ने भी अपनी जान बचाने को प्राथमिकता दी और सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए.
पुल से आवागमन बाधित : सबसे चिंता की बात यह रही कि जिस पुल से होकर लोग आवागमन करते हैं, वह भी पानी में पूरी तरह डूब गया. ऐसे में फिलहाल पुल से आवागमन संभव नहीं है. पानी का बहाव कम होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही पुल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
गुप्ता धाम से सामने आई तस्वीरें और वीडियो पहाड़ी नदी के रौद्र रूप को साफ तौर पर बयां कर रहे हैं. पानी की तेज धार के बीच पुल के सिर्फ रेलिंग पिलर नजर आ रहे हैं. मंदिर परिसर पूरी तरह पानी में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है. आसपास की दुकानें भी पानी से घिरी हुई हैं. इन तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहाड़ी नदी में पानी का स्तर अचानक कितना बढ़ गया. जिस स्थान पर सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ और दुकानदारों की गतिविधियां रहती हैं, वहां फिलहाल तेज पानी का बहाव दिखाई दे रहा है.
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