Startup के क्षेत्र में बेटों को पीछे छोड़ रहीं बिहार की बेटियां, 41 में इन 5 को मिला बेस्ट आइडिया अवॉर्ड
एनआईटी पटना के स्टार्टअप बूट कैंप में पांच स्टार्टअप को मिला बेस्ट स्टार्टअप आइडिया का पुरस्कार. एनआईटी पटना के अलावा अन्य संस्थान देंगे सीड फंड.

Published : April 25, 2026 at 12:28 PM IST
पटना: एनआईटी पटना में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की उद्देश्य से चल रहा पांच दिवसीय इनोवेशन डिजाइन एंड एंटरप्रेन्योरशिप बूट कैंप 2026 का शुक्रवार को समापन हो गया. इस बूट कैंप में आठ राज्यों के 20 कॉलेजों से 169 प्रतिभागी शामिल हुए, जिसमें 135 लड़के और 34 लड़कियां शामिल रही.
इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से सीड फंड: सभी को 41 टीम में बांटा गया था और कार्यक्रम के समापन के मौके पर इनमें से पांच को बेस्ट स्टार्टअप आइडिया का सर्टिफिकेट मिला. जिन्हें एनआईटी पटना के इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से सीड फंड दिया जाएगा. यह कार्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन काउंसिल के सहयोग से आयोजित किया गया.
स्टार्टअप में लड़कियां भी पीछे नहीं: एनआईटी पटना के इनक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर भरत गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह था कि बच्चे आगे चलकर जब शीकर ना बने, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बने. उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में इस आयोजन में लड़कियां भी शामिल रही जो यह बता रहा है कि अब स्टार्टअप में लड़कियां भी पीछे नहीं है.
"लड़कियां भी डिग्री खत्म होने के बाद नौकरी के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने में रुचि रख रही हैं. पांच दिनों के इस कार्यक्रम में बच्चों को स्टार्टअप से संबंधित हर जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई और अलग-अलग दिन अलग-अलग एक्सपर्ट जाकर बच्चों को स्टार्टअप टिप्स दिए."-प्रोफेसर भरत गुप्ता, इनक्यूबेशन सेंटर इंचार्ज, एनआईटी पटना

बच्चों को दी गई फाइनेंशियल लिटरेसी की जानकारी: प्रोफेसर भरत गुप्ता ने बताया कि पहले दिन बच्चों के स्टार्ट अप के डिजाइन थिंकिंग की तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई. इसके बाद दूसरे दिन अलग-अलग बिजनेस मॉडल का रूप समझाया गया और तीसरे दिन बच्चों को उनके स्टार्टअप को लेकर प्रोटोटाइप बनाने और जो उन्होंने प्रोटोटाइप बनाया है उसमें क्या जरूरी एलिमेंट होने चाहिए इसकी जानकारी दी गई. चौथे दिन बच्चों को फाइनेंशियल लिटरेसी से संबंधित जानकारी दी गई और पांचवें दिन बच्चों को फंड रेजिंग के लिए मौजूद विकल्पों की जानकारी दी गई. यहां बच्चे अपने उन स्टार्टअप आइडिया को लेकर आए हुए थे जिस पर वह कई महीने से काम कर रहे हैं.

हर क्षेत्र के बच्चे लेकर आए स्टार्टअप आइडिया: प्रोफेसर भरत गुप्ता ने बताया कि इसके बाद बच्चों ने अपने आइडिया को पीपीटी पर प्रजेंटेशन दिया. इनमें से पांच आइडिया को बेस्ट स्टार्टअप आइडिया का सर्टिफिकेट दिया गया है जिन्हें आगे बढ़ाने में फंड किया जाएगा. इसके अलावा कंसीडरेशन में भी और पांच स्टार्टअप आईडिया है जिन्हें संस्थान की ओर से फंड किया जाएगा. जिन्हें बेस्ट आइडिया का सर्टिफिकेट मिला है उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीएसआर फंड से भी आगे बढ़ाने के लिए प्रमोट किया जाएगा. सबसे अच्छी बात रहेगी सर्विस सेक्टर से लेकर मेडिकल सेक्टर और टेक्निकल एस्पेक्ट से संबंधित हर क्षेत्र में बच्चे स्टार्टअप आइडिया लेकर आए थे. सभी का फोकस इस बात पर था कि कैसे एक स्टार्टअप से लाइफस्टाइल स्मूथ हो सकता है.

41 टीम से 5 को बेस्ट आइडिया मिला: स्टार्टअप आइडिया के चीफ जूरी और देश के कई स्टार्टअप को मेंटर कर चुके प्रशांत सिन्हा ने बताया कि स्टार्टअप बहुत ही सब्जेक्टिव चीज है और यहां 41 टीम थी जिसमें से 5 को बेस्ट आइडिया के लिए चुना गया है. लेकिन जो अन्य टीम थी वह भी कम नहीं थी और उनकी आइडिया भी लाजवाब थे. यहां उन्होंने बच्चों को बताया कि आपकी टीम के अलावा अन्य जो बाकी 40 टीम है वह आपके लिए कस्टमर है और हर टीम ने एक दूसरे से सीखने की कोशिश की है, यह काफी अच्छा रहा है.
"जिन पांच आइडिया को बेस्ट स्टार्टअप आइडिया का अवार्ड मिला है, वह प्रोटोटाइप के रूप में तैयार किया जा चुके हैं और वह हैं AIR-BAN, HE LEAF, VEER ECO STEP, SAHAYAK, PAINTEX."-प्रशांत सिन्हा, चीफ जूरी, स्टार्टअप आइडिया

पांच बेस्ट स्टार्टअप आइडिया: स्टार्टअप आइडिया 'सहायक' की टीम से अमन कुमार ने बताया कि उनका स्टार्टअप वृद्ध व्यक्तियों के लिए एअआई बेस्ड हेल्थ केयर सिस्टम है, जो व्हाट्सएप से ऑपरेट होगा. यह आइडिया विभु कुमार और अंबर आर्या जो उनके दोस्त हैं, तीनों ने मिलकर तैयार किया है. उन्होंने बताया कि वह तीनों गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज बक्सर के कंप्यूटर साइंस के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट हैं. उन्होंने बताया कि उनका आइडिया सहायक वह उन वृद्ध व्यक्तियों के लिए है जिनके बच्चे उनसे दूर रखते हैं और बच्चों को उनके हेल्थ की चिंता लगी रहती है.
"इस स्टार्टअप में फीचर यह है कि एक बार प्रिस्क्रिप्शन अपलोड करने पर दवा कब खाना है और किस समय क्या रुटीन फॉलो करना है, यह वृद्ध व्यक्तियों को आसानी से रिमाइंडर देगा. इसके साथ ही उनके बच्चों को पूरा मॉनिटरिंग रिपोर्ट वेब पोर्टल के जरिए चल जाएगा. यह डॉक्टर से लिंक नहीं होगा और शुरुआती समय में अभी वह लोग 15 से 20 परिवारों पर शुरू करने जा रहे हैं."-अमन कुमार, छात्र

इको फ्रेंडली बायोडिग्रेडेबल फुटवियर: स्टार्टअप आइडिया वीर ईको स्टेप के फाउंडर एस हुसैन ने बताया कि उनका यह आइडिया इको फ्रेंडली बायोडिग्रेडेबल फुटवियर को लेकर है. उनके मुख्य फोकस गांव और किसान हैं. उनका यह प्रोजेक्ट आर्टिजन को बढ़ावा देते हुए एंप्लॉयमेंट जेनरेशन को लेकर है. वह अपने प्रोडक्ट को तैयार करने में एग्री वेस्ट का उपयोग कर रहे हैं. इसके लिए जूट, बांस, पराली इत्यादि का उपयोग कर रहे हैं.
"खास बात यह है कि फुटवियर बेहद कंफर्टेबल भी हैं जिसके कारण उम्मीद है कि फंड होने पर स्टार्टअप काफी आगे बढ़ेगा. दिल्ली यूनिवर्सिटी से लाइफ साइंस में बीएससी किया है और मूल रूप से पटना का रहने वाला हूं."-एस हुसैन, छात्र

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों का आइडिया एयर-बाण: एयर-बाण को गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज अरवल के फाइनल ईयर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चार छात्रों ने मिलकर तैयार किया है. प्रेजेंटेशन के दौरान रवि रंजन और उज्जवल मौजूद रहे. उज्जवल कुमार ने बताया कि एयर-बाण एक स्मार्ट एयर प्यूरीफायर है. वह इसे तैयार करके खुद 1 साल से इस्तेमाल कर रहे हैं और यह बाजार में मिलने वाले एयर प्यूरीफायर से बिल्कुल अलग है. यह CO2 अब्जॉर्ब करता है और ऑक्सीजन लेवल मेंटेन रखना है.
"यह उन अस्थमा पीड़ित मरीजों के लिए बनाया गया है जिनके कमरे में वेंटिलेशन सही नहीं रहता और रात में सोते समय अस्थमा अटैक आने का खतरा बना रहता है."-उज्जवल कुमार, छात्र

पेंटेक्स और ही-लीफ को भी मिला बेस्ट आइडिया अवॉर्ड: एनआईटी पटना के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट मनोज कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से आंध्र प्रदेश के करनाल जिला के हैं और उनका प्रोजेक्ट पेंटेक्स अभी प्रोटोटाइप स्टेज पर है. उनका सॉल्यूशन यह है कि अभी के समय बड़े-बड़े बिल्डिंग पर पेंटिंग के लिए आदमी को काफी रिस्क लेकर पेंटिंग करना होता है. वह इसकी निराकरण के लिए एक ट्रैक तैयार किए हैं जो खुद ऊपर जाता है और स्प्रे पेंटिंग से स्प्रे करता है. वहीं पांचवी टीम ही-लीफ है.

"रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और रिमोट कंट्रोल से डिफरेंट कलर कांबिनेशन में भी ऊंचे मकानों की पेंटिंग की जा सकेगी और बॉर्डर पेंटिंग का भी प्रावधान है. यह अगर सक्सेसफुल हो जाएगा तो इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंट्रोड्यूस करेंगे."-मनोज कुमार, छात्र
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