9600 लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त, मिलावटी गिरोह के 5 सदस्य भी गिरफ्तार
मोतिहारी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. 9600 लीटर नकली पेट्रोल-डीजल के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. पढ़ें..

Published : December 28, 2025 at 8:48 PM IST
मोतिहारी: बिहार की मोतिहारी पुलिस ने नकली पेट्रोल-डीजल सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. रामगढ़वा थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई सघन छापेमारी में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से 9600 लीटर से अधिक अवैध ईंधन और कई उपकरण बरामद किए हैं.
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई: दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रामगढ़वा-रक्सौल नेशनल हाईवे पर तेल टैंकर और ट्रक चालकों से सांठगांठ कर कुछ लोग पेट्रोल-डीजल और मोटर स्प्रिट की चोरी कर नकली ईंधन तैयार कर रहे हैं. ये गिरोह सदस्य असली ईंधन को मिलावट कर बाजार में बेच रहे थे, जिससे वाहनों को भारी नुकसान हो रहा था. सूचना के सत्यापन के बाद रक्सौल सब-डिवीजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) मनीष आनंद ने तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया.
9600 लीटर नकली पेट्रोल-डीजल जब्त: इस टीम में रामगढ़वा थाना प्रभारी, स्थानीय पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी शामिल थे. चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया. जहां चाहरदीवारी से घिरे परिसरों में अवैध कारोबार चल रहा था. छापेमारी के दौरान रामगढ़वा के एक गोदाम से 20 ड्रम (प्रत्येक 200 लीटर क्षमता वाला) पेट्रोल और डीजल बरामद किया गया. इसी तरह कलवारी मंझरिया में 15 ड्रम मोटर स्प्रिट और डीजल, आमुदेई में 10 ड्रम पेट्रोल, तथा रक्सौल बाईपास पर 3 ड्रम अतिरिक्त ईंधन जब्त हुआ. इस तरह कुल मिलाकर 48 ड्रम से 9600 लीटर अवैध ईंधन पकड़ा गया.

तस्कर समेत 5 लोग गिरफ्तार: पुलिस ने 5 तस्करों को भी हिरासत में लिया है. आरोपियों की पहचान रामगढ़वा निवासी राजेश कुमार, कलवारी मंझरिया के मोहन सिंह, आमुदेई के संजय यादव, रक्सौल बाईपास के पंकज शर्मा और एक अन्य ट्रक चालक रवि पासवान के रूप में हुई है. दो ट्रक और एक टैंकर भी सीज कर लिया गया है. साथ ही तेल नापने की डिजिटल मशीनें, चोरी के लिए प्रयुक्त पाइपलाइन, रंग मिलाने वाले केमिकल (कलरेंट), मिक्सिंग टैंक और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है.
क्या बोले एसडीपीओ?: रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि रामगढ़वा थाने में इस मामले में कांड संख्या 523/25 दर्ज किया गया है. आरोपियों पर अवैध रूप से पेट्रोल, डीजल और मोटर स्प्रिट का उत्पादन, भंडारण और बेचने के चार्ज लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और नेशनल हाईवे पर गुजरने वाले ट्रकों से ईंधन चुराकर नकली माल तैयार करता था. नकली ईंधन में केमिकल मिलाकर रंग और गंध असली जैसी बनाई जाती थी, जिससे अंजाने में ग्राहक ठगे जाते थे. इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि वाहनों के इंजन खराब हो रहे थे.
"हमें गुप्त सूचना मिली थी, जिस पर तुरंत अमल किया. गिरोह के मुख्य सिरमौर भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. हम आगे भी ऐसी कार्रवाई करते रहेंगे, ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध ईंधन मिले. प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल सीमा के पास सक्रिय था और अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा था. बरामद ईंधन की मात्रा बाजार मूल्य पर करोड़ों का है, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही थी."- मनीष आनंद, एसडीपीओ, रक्सौल
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