फिरोजाबाद के कृष्ण धामों को सौगात; 7.26 करोड़ से होगा 5 स्थलों का कायाकल्प, श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
पर्यटन विभाग की इस परियोजनाओं में नगला पीरिया, बड़ा गांव, असवाई, गौंछ और रामनगर के धार्मिक स्थल शामिल हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 7:44 PM IST
फिरोजाबाद : कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जनपद के पांच प्रमुख कृष्ण धामों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है. पर्यटन विभाग की ओर से इन पावन स्थलों के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए करीब 7.26 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर तेजी से काम कराया जा रहा है.
दरअसल, जनपद के ग्रामीण इलाकों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा-कृष्ण से जुड़े कई प्राचीन धार्मिक स्थल हैं. इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है. पर्यटन विभाग की इस परियोजनाओं में नगला पीरिया, बड़ा गांव, असवाई, गौंछ और रामनगर के धार्मिक स्थल शामिल हैं.
जानकारी के अनुसार, ग्राम नगला पीरिया स्थित रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के पर्यटन विकास के लिए करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये की परियोजना पर कार्य कराया जा रहा है. इसी तरह नारखी ब्लॉक के बड़ा गांव स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर के विकास के लिए करीब एक करोड़ 49 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत है. ग्राम असवाई स्थित ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर भी पर्यटन विकास योजना में शामिल है. इसके लिए करीब एक करोड़ 35 लाख रुपये की परियोजना पर काम कराया जा रहा है.
इसके अलावा, ग्राम गौंछ स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए करीब एक करोड़ 36 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं. पांचों धार्मिक स्थलों में सबसे अधिक धनराशि ग्राम रामनगर स्थित ठाकुर जी महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास पर खर्च की जा रही है. इसके लिए करीब 1 करोड़ 96 लाख रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है. इस प्रकार से पर्यटन विभाग की ओर से इन पांचों धार्मिक स्थलों पर कराए जा रहे विकास कार्यों की कुल लागत करीब सात करोड़ 26 लाख रुपये है.
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने का काम कर रही है. ब्रज की पहचान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनसे जुड़ी परंपराओं से है. यह विरासत केवल बड़े और प्रसिद्ध तीर्थस्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिर भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद में कृष्ण भक्ति से जुड़े इन धार्मिक स्थलों का विकास इसी विरासत को व्यापक स्तर पर सामने लाने की दिशा में किया जा रहा है. इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ पर्यटकों को ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े नए स्थल देखने का अवसर मिलेगा.
फिलहाल धार्मिक स्थलों के विकास का असर केवल मंदिर परिसर तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है. इन स्थानों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर आसपास प्रसाद, पूजा सामग्री, फूल-माला, खान-पान, परिवहन, छोटी दुकानों और अन्य स्थानीय सेवाओं का कारोबार बढ़ सकता है. इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, परिवहन, खान-पान और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.

