भोजपुर में बाढ़ का कहर, 29 अगस्त तक सरकारी स्कूल बंद..देखें लिस्ट
भोजपुर में बाढ़ के चलते के पांच स्कूलों में 29 अगस्त तक पढ़ाई बंद. यहां देखें विद्यालयों की पूरी लिस्ट. आलोक भारती की रिपोर्ट

Published : August 24, 2026 at 7:57 AM IST
भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पांच सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित करने का निर्णय लिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. मानवेंद्र कुमार राय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन विद्यालयों में 24 अगस्त से 29 अगस्त तक शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी.
विद्यालयों की लिस्ट और प्रभावित क्षेत्र: बाढ़ प्रभावित विद्यालयों की सूची में बड़हरा अंचल के प्राथमिक विद्यालय शिवपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नेकनाम टोला तथा प्राथमिक विद्यालय जीवा राय का टोला शामिल हैं. इसके अलावा कोइलवर अंचल के मध्य विद्यालय ज्ञानपुर और शाहपुर अंचल के ई.आ.प्रा.वि. बरिसवन में भी निर्धारित अवधि तक पढ़ाई स्थगित रहेगी. ये सभी विद्यालय गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं.

शिक्षकों की छुट्टियां रद्द: डॉ. मानवेंद्र कुमार राय ने कहा कि इस दौरान संबंधित विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षक-शिक्षिकाओं की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. उन्हें उसी प्रखंड के बाढ़ से सुरक्षित और संचालित नजदीकी विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए संबद्ध किया जाएगा. इस व्यवस्था से शिक्षकों की सेवाओं का निरंतर उपयोग सुनिश्चित होगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी अधिक प्रभावित होने से बचाई जा सकेगी.
"विद्यालय बंद करने का निर्णय केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा."- डॉ. मानवेंद्र कुमार राय, जिला शिक्षा पदाधिकारी
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय बंद करने का यह निर्णय केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं को निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा.
निरंतर निगरानी का निर्देश: जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. किसी अन्य विद्यालय के बाढ़ की चपेट में आने की स्थिति में उसकी प्रमाणित सूची तुरंत जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी, ताकि आवश्यकतानुसार पठन-पाठन बंद करने या अन्य व्यवस्था का निर्णय लिया जा सके.

प्रभावित विद्यार्थियों की पढ़ाई सुनिश्चित करने का प्रयास: प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ जैसी आपदा के बावजूद शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप न हो. शिक्षकों को सुरक्षित विद्यालयों में संबद्ध करके न केवल उनकी ड्यूटी जारी रखी जा रही है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा भी बाधित होने से बचाने की कोशिश की जा रही है.
स्थिति पर नजर, आगे की तैयारियां: जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है या नए क्षेत्र प्रभावित होते हैं, तो अतिरिक्त विद्यालयों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की जा सकती है. फिलहाल इन पांच विद्यालयों में 29 अगस्त तक पठन-पाठन बंद रहेगा और उसके बाद स्थिति का आकलन कर आगे का निर्णय लिया जाएगा.
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