पहली बार नागरिकों को मिलेगा स्वगणना विकल्प, लोग भर सकेंगे ऑनलाइन जानकारी, ये होंगे सवाल?
उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना की तैयारियां जोरों पर चल रही है. साथ ही जल्द मकान सूचीकरण और गणना का कार्य होगा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 20, 2026 at 10:50 AM IST
देहरादून: जनगणना के पहले चरण के तहत उत्तराखंड राज्य में मकान सूचीकरण एवं गणना का काम 25 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है. जिसके लिए जनगणना निदेशालय तैयारियों में जुटा हुआ है. वर्तमान समय में अधिकारियों की जनगणना कार्य से संबंधित ट्रेनिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. खास बात यह है कि आगामी संभावित 25 अप्रैल से शुरू होने वाले मकान सूचीकरण एवं गणना से ठीक 15 दिन पहले यानी करीब 9 अप्रैल से स्वगणना की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. देश में पहली बार नागरिकों को स्वगणना का विकल्प मिल रहा है. स्वगणना कराए जाने की मुख्य वजह यही है कि जनगणना में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए उनको इसके प्रति जागरूक किया जा सके.
भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से देश में जनगणना से संबंधित अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है. जिसके तहत देशभर में दो चरणों में जनगणना प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी. पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य और दूसरे चरण में लोगों की गणना की जाएगी. इसके लिए तिथियां का भी ऐलान कर दिया गया है. लिहाजा, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच देश भर में मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाना है. इसके बाद जनगणना के दूसरे चरण के तहत 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच देश भर में लोगों की गणना की जाएगी. हालांकि, देश के स्नोबाउंड क्षेत्रों में लोगों के गणना का कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच की जाएगी.
उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य होने की संभावना है. इस संबंध में जल्द ही राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी हो सकती है. ऐसे में जनगणना कार्य निदेशालय आगामी 25 अप्रैल से प्रस्तावित मकान सूचीकरण एवं गणना के कार्य से ठीक 15 दिन पहले स्वगणना की तैयारियों में जुट गई है. स्वगणना की खास बात यह है जनता स्वगणना को लेकर जल्द ही लांच होने वाले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर, मकान सूचीकरण एवं गणना से संबंधित जानकारी को उपलब्ध करा सकती है. संभावना जताई जा रही है कि स्वगणना के लिए जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से 9 अप्रैल 2026 को स्वगणना पोर्टल लांच कर दिया जाएगा. इसके बाद जनता अपनी जानकारी को ऑनलाइन भर सकेगी.
अप्रैल महीने में ही स्वगणना की प्रक्रिया शुरू करना प्रस्तावित है. प्रदेश में मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य शुरू होने से 15 दिन पहले स्वगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. ऐसे में मकान सूचीकरण एवं गणना से संबंधित राज्य सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार है. इसके बाद स्वगणना की सटीक तिथि तय करते हुए स्वगणना पोर्टल को लांच कर दिया जाएगा.
इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय
दरअसल, स्वगणना सुविधा इसलिए भी आम जनता के लिए कारगर साबित होगी, क्योंकि जब मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य के लिए एन्यूमरेटर्स (Enumerators) घर- घर जाएंगे, तो उस दौरान लोगों को तमाम सवालों के जवाब वहां नहीं देने होंगे, जिससे उनका समय भी बचेगा. ऐसे में जनता को स्वगणना के दौरान मिलने वाले यूनिक आईडी नंबर को ही सिर्फ एन्यूमरेटर्स को उपलब्ध कराना होगा. इससे एन्यूमरेटर्स को मिली जानकारी की सिर्फ पुष्टि करनी होगी, जिससे एन्यूमरेटर्स का भी समय बचेगा. यही वजह है की जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से एन्यूमरेटर्स को ट्रेनिंग के दौरान स्वगणना से संबंधित जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएगी.
जनगणना कार्य निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार, संभवतः 9 अप्रैल से स्वगणना पोर्टल लांच होने के साथ ही स्वगणना प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. ऐसे में जनता इस पोर्टल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के जरिए लोगिन कर सकती है. लॉगिन करने के बाद पोर्टल पर नाम, पता संबंधित बेसिक जानकारियों के अलावा 31 सवाल दिखाई देंगे. जिन सवालों का जवाब भरने के बाद जैसे ही सबमिट करेंगे, उसके बाद उन्हें एक यूनिक नंबर मैसेज के जरिए प्राप्त हो जाएगा. लिहाजा, 25 अप्रैल से जब मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य शुरू होगा, उस दौरान जनता को इसी यूनिक नंबर को ही एन्यूमरेटर्स को उपलब्ध कराना होगा. उस दौरान जब एन्यूमरेटर्स, जनगणना ऐप पर इस यूनिक नंबर को डालेंगे, उस मकान से संबंधित सारी जानकारियां उनको मिल जाएंगी.
मकान सूचीकरण एवं गणना के दौरान इन सवालों के देने होंगे जवाब
- भवन का नंबर क्या है?
- कितने फ्लोर का भवन है
- मंजिल, दीवार व छत में किस सामग्री का इस्तेमाल किया गया है?
- घर सिर्फ रहने के लिए है या दुकान भी चलती है?
- घर पक्का है, कच्चा या पुराना-जीर्णशीर्ण?
- घर आपका अपना है?
- घर किराए पर लिया गया है?
- घर सरकार से लिया गया है?
- घर के मुखिया का नाम क्या है?
- घर में कितने कमरे हैं?
- घर में सदस्यों की संख्या कितनी है?
- घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं?
- पीने के पानी की सुविधा क्या है?
- बिजली की व्यवस्था क्या है?
- शौचालय की सुविधा है या नहीं?
- ड्रेनेज कनेक्टिविटी की स्थिति क्या है?
- नहाने के लिए बाथरूम है या नहीं?
- रसोई घर है या नहीं?
- एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन है या नहीं?
- खाना पकाने के लिए ईंधन की सुविधा क्या है?
- घर में रेडियो/ट्रांजिस्टर है या नहीं?
- घर में टीबी है या नहीं?
- घर में कंप्यूटर/लैपटॉप हैं या नहीं?
- घर में लैंडलाइन है या नहीं?
- घर में मोबाइल या स्मार्टफोन है या नहीं?
- इंटरनेट की सुविधा है?
- घर में साइकिल है या नहीं?
- घर में स्कूटर/मोटरसाइकिल है या नहीं?
- घर में कार/जीप/वैन है या नहीं?
- घर में रोज क्या खाते हैं?
- संपर्क के लिए परिवार का मोबाइल नंबर क्या है?
जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि इसके बाद जनता अपने मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्टर्ड होकर मकान सूचीकरण से संबंधित सवालों के जवाब भर सकेंगे. सवालों के जवाब भरने के बाद उन्हें एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिनको संभाल कर रखना है. क्योंकि जब मकान सूचीकरण का कार्य शुरू होगा, उस दौरान एन्यूमरेटर्स को यूनिक आईडी का नंबर बताना होगा. साथ ही बताया कि स्वगणना के जरिए जनता जनगणना में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा पाएगी. इसके साथ ही एन्यूमरेटर्स का काम भी आसान हो जाएगा, क्योंकि, स्वगणना की वजह से एन्यूमरेटर्स को सारी जानकारी नहीं भरनी होगी, और उन्हें सिर्फ जानकारियों की पुष्टि करनी होगी. जिससे एन्यूमरेटर्स का समय भी बचेगा.
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