सिरसा में इनेलो ने मनायी ओमप्रकाश चौटाला की पहली पुण्यतिथि, बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थक
चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की प्रथम पुण्यतिथि पर सिरसा में कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम के दौरान देश भर से नेता और उनके समर्थक पहुंचे थे.

Published : December 20, 2025 at 6:15 PM IST
सिरसाः हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की प्रथम पुण्यतिथि पर शुक्रवार को बरसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला की ओर से यह कार्यक्रम जिले के तेजाखेड़ा फार्म हाउस स्थित स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की समाधि स्थल पर रखा गया था. इसी स्थल पर उनकी धर्मपत्नी स्नेहलता चौटाला की समाधि भी बनी हुई है. मौके पर प्रार्थना सभा और सर्वधर्म कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें देश के कई बड़े नेता और हजारों की संख्या में आम लोग शामिल हुए.
मौके पर ये लोग थे मौजूदः तेजाखेड़ा फार्म हाउस स्थित स्माधि स्थल पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा. इनेलो कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे समर्थकों ने अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की. फूलों और मालाओं से सजी समाधि पर लोगों ने नमन कर ओमप्रकाश चौटाला को याद किया. मौके पर पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, पंजाब से मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह, पूर्व मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
लोगों के दिलों में जीवित हैं उनके विचार और सिद्धांत: सुखबीर सिंह बादल ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि "चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में हमेशा किसान और गरीब-कमजोर वर्ग की आवाज उठाई. वे आज हमारे बीच भले ही नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं. उन्होंने कहा कि अभय सिंह चौटाला उन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की राजनीति में मजबूती से खड़े हैं."
'ओमप्रकाश चौटाला के जाने से एक राजनीतिक युग का अंत हुआ': रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला का प्रेम केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों के लिए था. आज हजारों की संख्या में लोगों का यहां पहुंचना इस बात का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि उनकी कमी सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा को महसूस हो रही है. ओमप्रकाश चौटाला एक मजबूत राजनीतिक स्तंभ थे और उनके जाने से एक राजनीतिक युग का अंत हुआ है.

