नए साल पर मंदिरों में उमड़ी लोगों की भीड़, दर्शन और पूजन कर की सुख समृद्धि की कामना
नए साल के पहले दिन प्रदेश के तमाम मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 1, 2026 at 1:41 PM IST
खटीमा: वर्ष 2026 के पहले दिन का आगाज हो चुका है, नव वर्ष के प्रथम दिन पूरे प्रदेश के मंदिरों में पूजा अर्चना का भी दौर जारी है. साल के पहले दिन लोग भगवान से नई शुरुआत के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं. बात उधम सिंह नगर जिले के खटीमा तहसील क्षेत्र की करें तो खटीमा के विभिन्न इलाकों के मंदिर में नए साल के पहले दिन सुबह से मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा. अधिकतर लोगों ने नए साल की शुरुआत भगवान की पूजा-अर्चना से की.
खटीमा के चकरपुर स्थित प्राचीन पांडव कालीन वनखंडी महादेव मंदिर में भी सुबह से ही दूर-दूर से भक्ति पूजा अर्चना करने पहुंचे. भोलेनाथ के मंदिर में जलाभिषेक रुद्राभिषेक दुग्धा अभिषेक कर श्रद्धालु जनों ने नए साल की शुरुआत की. साथ ही भगवान से स्वयं अपने परिवार के साथ साथ प्रदेश एवं देश की खुशहाली की कामना की. वहीं चंपावत जिले के बीती रात से ही सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने मां पूर्णागिरि मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया.
खटीमा वनखंडी महादेव मंदिर में भक्तों ने भोले नाथ का दुग्ध अभिषेक जलाभिषेक, रुद्राभिषेक कर पूजा अर्चना की. साथ ही वनखंडी महादेव से सुख समृद्धि की कामना की. नव वर्ष के आगमन पर सुबह से ही भक्तों का मंदिर में तांता लगा रहा. वनखंडी महादेव मंदिर के अलावा खटीमा के विभिन्न मंदिरों में आमजन ने पहुंच नए साल की शुरुआत बेहद आध्यात्मिक रूप से की. साथ ही सुख समृद्धि की भगवान से कामना की. मां पूर्णागिरि मंदिर समेत विभिन्न इलाकों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंच कर दर्शन और पूजन किया. इस मौके पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की व्यवस्था एवं सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए हैं. जिससे उन्हें परेशानियों का सामना ना करना पड़े.
गौर हो कि प्रदेश में नए साल के पहले दिन प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा. कड़ाके की सर्दी के बावजूद भी लोग सुबह घरों से निकलकर मंदिर पहुंच रहे हैं और श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद ले रहे हैं. इस दौरान माहौल भक्तिमय दिखाई दिया. मंदिर में सुबह से लोगों की कतार लगी हुई है और लोग पूजा के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए.
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