शिक्षकों की आवारा कुत्तों की गिनती वाले मामले में FIR दर्ज, शिक्षा मंत्री आशीष सूद बोले- AAP खेलेगी विक्टिम कार्ड
स्पेशल सेल ने शिक्षा निदेशालय की शिकायत पर सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और गुमराह करने वाली जानकारी के मामले में FIR दर्ज की.

Published : January 2, 2026 at 1:36 PM IST
|Updated : January 2, 2026 at 1:42 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली में शिक्षकों की आवारा कुत्तों की गिनती वाले बयान पर बवाल जारी है. अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शिक्षा निदेशालय (DoE) की शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और गुमराह करने वाली जानकारी के मामले में FIR दर्ज की है. आरोप है कि इस कंटेंट का मकसद भ्रम फैलाना था. वहीं, दूसरी ओर दिल्ली सचिवालय में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस मामले को लेकर प्रेस वार्ता करते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला.
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के बेरोजगार नेताओं के पास झूठ बोलने और झूठ फैलाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं बचा है. उन्होंने शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी उस सर्कुलर को भी पढ़कर सुनाया, जिसमें कहा गया है कि सभी स्कूल के प्रमुख और स्टेडियम के इंचार्ज उनमें आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए एक नोडल ऑफिसर की नियुक्ति करेंगे. उन्होंने कहा कि इस सर्कुलर में कहीं भी कोई ऐसी बात नहीं कही गई, जिससे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा कुत्तों की गिनती करने का मामला बनता हो.
Delhi Police Special Cell has filed an FIR following a complaint from the Directorate of Education (DoE) over false and misleading information circulating on social media. The content allegedly aimed to create confusion. An investigation has been launched to identify those… pic.twitter.com/yqpzX12yRC
— IANS (@ians_india) January 2, 2026
आशीष सूद ने आरोप लगाया, ''दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल चंडीगढ़ के शीश महल में बैठकर के झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने खुद अपने एक्स हैंडल से ट्वीट करके इस झूठ को फैलाने का काम किया. इसके अलावा और भी कई एक्स हैंडल से इस तरह की भ्रामक और झूठी खबर को फैलाया गया है. दिल्ली सरकार ने यह निर्णय लिया है कि इस झूठ फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी. इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से गुरुवार को एक पुलिस कंप्लेंट दी गई है. पुलिस अब उसकी जांच करने के बाद इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करेगी.''
"सरकार ने दिल्ली में शिक्षकों से जुड़ी फेक न्यूज और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करने और FIR करने का सोच-समझकर फैसला लिया है. आम तौर पर, हम बेरोजगार नेताओं पर ज़्यादा कमेंट नहीं करते, लेकिन इस बार, यह फेक न्यूज और प्रोपेगेंडा दूर चंडीगढ़ से अरविंद केजरीवाल ने फैलाया था. इसीलिए कार्रवाई करनी पड़ी."- आशीष सूद, मंत्री, दिल्ली सरकार
शिक्षा मंत्री ने कहा, ''यह बात मैं पहले ही आपको बता देता हूं कि जब पुलिस उस मामले में कार्रवाई करेगी तो आम आदमी पार्टी अपना विक्टिम कार्ड खेलना शुरू करेगी. आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विक्टिम कार्ड दिखाते हुए कहा कि यह विक्टिम कार्ड आम आदमी पार्टी के नेता जेब में हर समय रखे रहते हैं और जब उन्हें मौका मिलता है तभी वह विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर देते हैं. मैं आम आदमी पार्टी के नेताओं से कहना चाहता हूं कि झूठ की राजनीति बंद कर दीजिए.''
शिक्षा मंत्री सूद ने आगे यह भी कहा कि कितने टूटे-फूटे स्कूलों की बिल्डिंग का काम आधा अधूरा छोड़कर के आम आदमी पार्टी की सरकार चली गई उसके बारे में भी एक श्वेत पत्र जारी करूंगा. केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के स्कूलों में हैप्पीनेस कार्यक्रम चलाया था. इसके विज्ञापन पर 20 करोड़ 87 लाख रुपए खर्च कर दिए. सूद ने बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने देशभक्ति कार्यक्रम चलाया था उस कार्यक्रम पर 16 करोड रुपए खर्च किए. जबकि, 11 करोड़ से ज्यादा रुपए उसके विज्ञापन पर खर्च कर दिए.
शिक्षा मंत्री ने अंत में कहा कि स्कूल में टीचर कई तरह के काम करते हैं. कल्चरल, एक्टिविटी से लेकर के एग्जामिनेशन की चिंता से लेकर के तमाम तरह के काम करते हैं. इन कामों को करने के लिए स्कूल प्रमुखों के द्वारा उन्हें जिम्मेदारियां दी जाती हैं. इसी प्रकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अगर स्कूल के प्रमुख ने एक नोडल ऑफिसर को नियुक्त किया कि स्कूल में आवारा कुत्तों का प्रवेश न हो पाए. कुत्ते के द्वारा बच्चों को स्कूलों में काटने का कोई मामला सामने न आए, इसके लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करके इस तरह का अगर काम किया है तो इसको कुत्तों की गिनती करने में शामिल कैसे कर सकते हैं.
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