वीरेंद्र मुखिया की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम, गांगेय डॉल्फिन शिकार का मामला
बिहार के कोसी नदी में लुप्तप्राय गांगेय डॉल्फिन के अवैध शिकार का मामला सामने आया है. सहरसा से राहुल कुमार की रिपोर्ट

Published : August 24, 2026 at 7:38 PM IST
सहरसा : नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत के समीप कोसी नदी में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन के शिकार का मामला सामने आया है. डॉल्फिन के शिकार और उसे नाव पर ले जाने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया है. विभाग ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है.
जाल में फंसी डॉल्फिन : बताया जा रहा है कि दो मछुआरों के जाल में गांगेय डॉल्फिन फंस गई थी. इसके बाद उसे नाव पर लादकर ले जाया गया. वायरल वीडियो में डॉल्फिन से तेल निकालने का प्रयास किए जाने की बात सामने आ रही है. वीडियो के आधार पर वन विभाग आरोपियों की पहचान करने के साथ घटना में उनकी भूमिका की गहन जांच पड़ताल कर रहा है.
टीम की छापेमारी और चुनौतियां : मामले की जानकारी मिलने के बाद वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची. हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से फरार हो चुके थे. मौके से मृत डॉल्फिन भी बरामद नहीं हो सकी. नदी में पानी अधिक होने के कारण टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
"शुक्रवार को डॉल्फिन के शिकार की जानकारी मिली थी. सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन पानी अधिक होने के कारण वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सका. इसके बाद से संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. सोमवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है."- वीरेंद्र राय, वन विभाग की रेंज ऑफिसर
मुख्य आरोपी की तलाश : वन विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्थानीय वीरेंद्र मुखिया को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. उसकी त्वरित गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. इसके साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की पहचान करने के साथ घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है.
राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा : दुर्लभ गांगेय डॉल्फिन पूरे भारत वर्ष का एक बेहद गौरवशाली राष्ट्रीय जलीय जीव है. वर्ष 2009 में केंद्र सरकार द्वारा इसे अधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा दिया गया था. यह महत्वपूर्ण जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की कठिन अनुसूची-1 में शामिल है और इसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है. इसका शिकार करना पूरी तरह से प्रतिबंधित घोषित है.
वन विभाग ने बढ़ाई विशेष निगरानी : कोसी नदी के आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने संबंधित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. फिलहाल विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता मृत डॉल्फिन की बरामदगी, घटना में सीधे तौर पर शामिल लोगों की सटीक पहचान और फरार आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी जांच के आधार पर की जाएगी.
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