बिहार में 125 सफाई कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज, जानें पूरा मामला
कैमूर में बिजली मिस्त्री के बाद अब नप के 125 सफाई कर्मियों पर भभुआ थाना में मामला दर्ज हुआ है. क्या है वजह पढ़ें आगे


Published : February 28, 2026 at 7:12 PM IST
कैमूर : 26 फरवरी को कैमूर जिले के भभुआ स्थित महिला थाना में नवपदस्थापित महिला दारोगा पर एक विद्युत मिस्त्री के साथ कथित मारपीट और झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देने का मामला सामने आया था. अब इस केस में बिजली मिस्त्री संतोष रावत के बाद 125 सफाई कर्मियों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है.
मामला क्यों बढ़ा? : घटना उस समय तूल पकड़ गई जब नगर परिषद के सैकड़ों सफाईकर्मी थाने पर पहुंच गए. जोरदार हंगामा करते हुए आरोपी महिला दारोगा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निलंबन की मांग करने लगे. दरअसल महिला थाना की दारोगा चंद्र प्रभा ने एक व्यक्ति को पैसा व सामान चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

महिला दारोगा पर पिटाई और फर्जी केस का आरोप : करीब 2 से 2:30 बजे के करीब जब महिला दारोगा आवेदन लिखने लगीं तभी 100 से 125 लोग हाथ में झाड़ू लेकर थाने में घुस गए. आरोप है कि नारेबाजी करते हुए थाने का गेट हिलाकर गाली गलौज की. साथ ही धमकी भी दी. जिससे वहां तैनात सभी पुलिसकर्मी भयभीत हो गए.
'कानूनी कार्रवाई हो' : एसआई अर्जुन पासवान की मांग है कि थाने का गेट तोड़ने, धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में पहचान कर 100 से 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो. वहीं इस मामले पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई में जुट गई है.
महिला दारोगा ने घर में कैद कर मारपीट की- बिजली मिस्त्री : बता दें कि बीते 26 फरवरी को नगर परिषद के बिजली मिस्त्री संतोष रावत को महिला थाना की दारोगा चन्द्र प्रभा द्वारा पैसा वाला बैग चोरी करने के आरोप में भभुआ थाना लाया गया था. मिस्त्री संतोष रावत ने दारोगा के घर पर तार वायरिंग का काम किया था. पीड़ित का आरोप है कि पैसा मांगने पर चन्द्र प्रभा ने उन्हें घर में बंद कर मारपीट भी की थी. जिसके बाद वह सीधे उसे थाने ले आई.

नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी? : इस मामले की जानकारी होते ही नगर परिषद के सभापति, उपसभापति एवं वार्ड सदस्य सहित सभी सफाई कर्मी थाना पहुंच गए. सफाई कर्मियों ने संतोष के निर्दोष होने की बात कही. साथ ही कहा कि उसे झूठे केस में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है.
''मामले की जांच कराई जाए और दोषी पाने पर महिला दारोगा को निलंबित किया जाए. अन्यथा हम लोग प्रशासन के यहां काम नहीं करेंगे.''- सफाईकर्मी
महिला दारोगा के खिलाफ FIR दर्ज : स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की कार्यशैली साफ दर्शाती है. दोनों तरफ से आवेदन मिलने के बाद भी पुलिस ने महिला दारोगा के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर दिया है और बिजली मिस्त्री के आवेदन को जांच में डाल दिया गया है. जबकि बिजली मिस्त्री के शरीर पर लगा चोट साफ सबूत है. फिर भी पुलिस के द्वारा महिला दारोगा पर किसी तरह की कोई जांच नहीं बैठाई गई. ग्रामीणों और नगर परिषद कर्मियों का कहना है कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा.
ये भी पढ़ें :-
बिहार में पुलिस पर बरसायी गई गोलियां, खून खराबे से शराब पार्टी का अंत

