हजारीबाग में छात्र-पुलिस झड़प मामले में होगा FIR, लोगों को किया जा रहा चिन्हित, बीजेपी ने घटना को बताया शर्मनाक
हजारीबाग में छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प मामले में पुलिस एफआईआर करने की तैयारी में जुट गई है.

Published : August 22, 2026 at 2:57 PM IST
|Updated : August 22, 2026 at 8:07 PM IST
हजारीबाग: जिले के गांधी मैदान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर छात्र, पुलिस और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच झड़प पर पुलिस एफआईआर करने की तैयारी में जुट गई है. हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को चिन्हित किया जा रहा है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया था.
FIR दर्ज करने की तैयारी में जुटी पुलिस
इस घटना के बाद अब वैसे लोग जो इस कार्यक्रम में संलिप्त थे या फिर उनकी अगुवाई में पुतला दहन कार्यक्रम किया जा रहा था, उन्हें चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है. हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पत्थरबाजी की गई. पत्थरबाजी की घटना में कुछ पुलिसकर्मी और पुलिस पदाधिकारी घायल हुए हैं. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
प्रदर्शन में शामिल लोगों को किया जा रहा चिन्हित
हजारीबाग एसपी ने बताया कि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस द्वारा पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस की ओर से घटना के वीडियो फुटेज, मौके पर मौजूद लोगों तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल और घटना का नेतृत्व करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है.
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का बयान
इधर, हजारीबाग पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय में सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता पूर्वक कार्रवाई की है. इस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता ने मारपीट की. यह घटना शर्मसार करने वाली है. लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार हर एक व्यक्ति को है.
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने कार्यकर्ता और गुंडो के बदौलत सुनियोजित तरीके से आक्रमण किया है. आक्रमणकारी सभी पुलिस के संरक्षण में थे. यह घटना झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. झारखंड में सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है. सरकार का सत्यानाश होने का समय आ रहा है और पाप का घड़ा भर चुका है. रविंदर राय ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि न्याय के लिए संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों का साथ दे. भाजपा लोगों के साथ है.
भाजपा सांसद मनीष जायसवाल का बयान
वहीं, हजारीबाग के भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने झामुमो कार्यकर्ताओं के द्वारा छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना को दुखद बताया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह जायज नहीं है. इस घटना का भाजपा विरोध करता है. सांसद ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से छात्रों को लगातार ठगा जा रहा है. सरकार ने छात्रों को सिर्फ लॉलीपॉप थमाने का काम किया है.
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए. जब तक मामला सीबीआई को नहीं सौंपा जाता और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक छात्रों को न्याय मिलने की उम्मीद कम है. यही कारण है कि राज्य में विरोध हो रहा है. बहरहाल यह मुद्दा अब राजनीतिक तुल पकड़ता जा रहा है. आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन के संकेत भी मिल रहे हैं.
वीडी राम ने भी की सीबीआई जांच की मांग
इस बीच पलामू सांसद वीडी राम ने परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन में जेएमएम कार्यकर्ताओ और पुलिस के द्वारा बर्बरतापूर्ण कार्रवाई निंदनीय है. छात्र अपराधी नहीं हैं वह न्याय मांग रहे हैं. सांसद ने कहा है कि 2019 के बाद जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परिक्षाओं की जांच सीबीआई के द्वारा होनी चाहिए. सांसद ने कहा कि है कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी बातों को गंभीरता पूर्वक सुनने की जरूरत है. सांसद विष्णुदयाल राम का कहना है कि कैबिनेट द्वारा नियुक्तियां रद्द करने के अपरिपक्व निर्णय के बाद हाई कोर्ट द्वारा सरकारी आदेश के अंतरिम रोक लगाए जाने की स्थिति में सरकार को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए. सरकार को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए जिससे दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई हो और निष्पक्ष नौकरी लेने वालों पर कार्रवाई नहीं हो.
ये भी पढ़ें: पुतला दहन के दौरान झड़प: DSP बोले- छात्र मनमानी ढंग से कर रहे थे प्रदर्शन, पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
हजारीबाग और गढ़वा में नहीं हो सका पुतला दहन! छात्र, झामुमो कार्यकर्ता और जिला प्रशासन आमने-सामने

