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छपरा सदर अस्पताल में दलालों पर शिकंजा, मरीज को बहला-फुसलाकर पटना ले जाने पर FIR दर्ज

छपरा सदर अस्पताल में दलालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है. मरीज को बहला-फुसलाकर पटना ले जाने के मामले में केस दर्ज हुआ है.

Chapra Sadar Hospital
छपरा सदर अस्पताल में दलाल के खिलाफ एक्शन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 25, 2026 at 8:50 PM IST

3 Min Read
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छपरा: सरकारी अस्पतालों में सक्रिय दलाल के खिलाफ सारण जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. मरीजों को बरगलाकर निजी क्लीनिकों में ले जाने की शिकायतों के बीच छपरा सदर अस्पताल में दलालों पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की गई है. बनियापुर प्रखंड की रहने वाली शांति देवी को बहला-फुसलाकर पटना के एक निजी क्लीनिक में ले जाने के मामले में संबंधित दलाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

मरीज को बहला-फुसलाकर ले गया था पटना: असल में 20 फरवरी 2026 को एक दलाल द्वारा बनियापुर निवासी श्रीमती शांति देवी को इलाज के नाम पर गुमराह कर पटना स्थित निजी क्लीनिक ले जाने की घटना सामने आई. परिजनों के द्वारा उपलब्ध कराए गए लिखित परिवाद और संबंधित दलाल के फोटोग्राफ के आधार पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भगवान बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.

Chapra Sadar Hospital
छपरा सदर अस्पताल (ETV Bharat)

आरोपी दलाल की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आरोपी दलाल की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. अस्पताल परिसर में दलाली की प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगाने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी.

सारण डीएम ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी अस्पताल से मरीज को निजी संस्थान ले जाने के लिए दबाव डालता है या बहकाता है, तो इसकी सूचना तुरंत अस्पताल प्रशासन या पुलिस को दें. प्रशासन का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को गुमराह करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी.

डीएम-एसपी ने की थी छापेमारी: कुछ दिनों पूर्व जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से सदर अस्पताल में छापेमारी की थी. इस दौरान कई निजी एम्बुलेंस संचालकों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया था. प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इसी क्रम में जिलाधिकारी ने सारण जिले के सभी अस्पतालों की जांच वरीय पदाधिकारियों से कराई थी. साथ ही सदर अस्पताल के मुख्य द्वार के पास पुलिस चेक पोस्ट की स्थापना की गई, ताकि बाहरी तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके.

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