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बुद्ध पूर्णिमा आज, जानें इस दिन का क्या है विशेष महत्व

हिंदी महीना वैशाख संस्कृत का शब्द है. पाली में भाषा में इसे वेसाख कहा जाता है. भगवान बुद्ध का जन्म इसी महीने हुआ था.

BUDH PURNIMA 2026
बुद्ध पूर्णिमा (Getty Images)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : May 1, 2026 at 8:26 AM IST

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करनालः सनातन धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. इस समय हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख महीना चल रहा है. वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा और वैशाख पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. बुद्ध पूर्णिमा सभी पूर्णिमा से ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि इस दिन भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना करने का भी विधि विधान होता है.

BUDH PURNIMA 2026
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व (Getty Images)

इस दिन दान का विशेष महत्वः शास्त्रों में बताया गया है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है जो बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है. इस दिन दान और स्नान करने का भी विशेष महत्व होता है. तो आइए जानते हैं कि बुद्ध पूर्णिमा कब है और इसके व्रत का क्या विधि-विधान है.

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बुद्ध पूर्णिमा आज (Getty Images)

कब है बुद्ध पूर्णिमा: पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि "वैशाख का महीना समाप्त होने को है और इसके शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा और वैशाख पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस बार वैशाख पूर्णिमा हिंदू पंचांग के अनुसार 1 मई को है. वैशाख पूर्णिमा की शुरुआत 30 अप्रैल को रात के 9:12 से होगी जबकि इसका समापन एक मई को रात के 10:52 पर होगा. प्रत्येक व्रत और त्योहार उदिति के साथ मनाया जाता है. इसलिए बुद्ध (वैशाख) पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी इस दिन ही विधानसभा का महत्व होता है. दान स्नान करने का शुभ मुहूर्त सुबह 4:15 से लेकर 4:58 रहेगा. चंद्र दर्शन करने का समय शाम को 6:52 पर होगा."

इसलिए खास है वैशाख पूर्णिमा: पंडित ने बताया कि "वैशाख पूर्णिमा सभी पूर्णिया से ज्यादा महत्व रखती है. इस दिन चंद्रमा के दर्शन करना और उनकी पूजा अर्चना करना काफी अच्छा होता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में होता है. इस दौरान यह बहुत प्रभावशाली होता है. चंद्रमा इंसान की भावनाओं और मन को नियंत्रित करता है और जो भी इस दिन चंद्र देवता की पूजा करता है. उसकी कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है. चंद्रमा की पूजा के दौरान उनका जल अर्पित करने से क्षेत्रफल की प्राप्ति होती है. किसी बर्तन में जल लेकर उसमें कुमकुम , चावल और सफेद फूल डालें और भगवान चंद्रमा का जाप करते हुए उनको जल अर्पित करें."

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बैशाख पूर्णिमा का महत्व (Getty Images)

बैशाख और बुद्ध पूर्णिमा का महत्व: पंडित ने बताया कि "इस पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु ने अपना नौवां बुद्ध अवतार लिया था. इसलिए इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना करना भी काफी अच्छा होता है. इसे ज्ञान की प्राप्ति होती है और अहिंसा, शांति और दया के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने उपरांत दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख समृद्धि आती है. इस दिन विशेष तौर पर भगवान सत्यनारायण की पूजा अर्चना करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं.

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महात्मा बुद्ध (Getty Images)

वैशाख पूर्णिमा के व्रत का विधि विधान: कुछ लोग इस पूर्णिमा के दिन व्रत रखते हैं. व्रत रखने वाले जातक सुबह सूर्य उदय से पहले उठकर पवित्र नदी में स्नान करें. उसके उपरांत गरीब जरूरतमंद और ब्राह्मण को अपनी इच्छा अनुसार दान करें. उसके बाद फिर अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करें और उनको प्रसाद का भोग लगाएं. जो लोग व्रत रखना चाहते हैं, वह व्रत रखने का प्रण ले और दिन में भगवान सत्यनारायण की कथा का पाठ करें. इसे घर में सुख समृद्धि आती है और सभी प्रकार के दोस्त दूर होते हैं. शाम के समय चंद्रमा की पूजा अर्चना करने के बाद उनको जल अर्पित करें और अपने व्रत का पारण करें. गाय और गरीबों को भोजन देने के बाद भोजन ग्रहण करें.

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