पेसा नियमावली को लेकर भाजपा के सवालों का जवाब नहीं देंगे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कही ये बात
पेसा नियमावली को लेकर बीजेपी के सवालों का वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर जवाब नहीं देंगे.


Published : January 3, 2026 at 8:07 PM IST
रांची: पेसा नियमावली को लेकर एक ओर जहां बीजेपी सवाल उठा रही है. वहीं सरकार की ओर से इस पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है. कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से इस पर प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने कुछ अलग ही प्रतिक्रिया ही दी.
दरअसल, झारखंड में पेसा कानून को लागू करने के लिए हेमंत कैबिनेट ने पेसा नियमावली को मंजूरी दी. इसके बाद शुक्रवार की रात को सरकार ने इस नियमावली की अधिसूचना भी जारी कर दी. कैबिनेट द्वारा पारित नियमावली अधिसूचना जारी होने के बाद सार्वजनिक हो गया है. भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि वर्तमान पेसा नियमावली में जो बदलाव किए गए हैं, उससे पेसा कानून से जो उद्देश्य प्राप्त करना था, उससे यह दूर हो गया है.
इसे लेकर जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल का जवाब देने से ही मना कर दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा उठाये गए सवालों का जवाब देने के लिए वह तैयार नहीं हैं. अगर पेसा नियमावली को लेकर कोई सवाल बेनेफिशियरी यानी लाभुक की ओर से आता तो वह जरूर उसका जवाब देते.
एक ओर पेसा नियमावली को लेकर जहां भाजपा सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव की बेटी भी सरकार पर सवाल उठा रही है. पूर्व वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव की बेटी निशा उरांव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर कटाक्ष किया है. निशा उरांव भारतीय राजस्व सेवा(IRS) अधिकारी और पूर्व में डेपुटेशन पर झारखंड सरकार में पंचायती राज निदेशक रह चुकी हैं. पहले उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि 2023 में उनके कार्यकाल के दौरान प्रकाशित प्रारूप और मार्च 2024 में विधि विभाग द्वारा अनुमोदित प्रारूप से मौजूदा पेसा नियमावली अलग हैं. इसके बाद उन्होंने कहा कि इसमें हुए संशोधन का वे विश्लेषण करेंगी.
इसके बाद उन्होंने फिर से एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि गैर-रूढ़िजन्य आदिवासी मंडली - खुश तो बहुत होंगे आप लोग ? आप सब के असंवैधेनिक दबाव के कारण नियमावली में मूल बदलाव दिख रहा है?! लेकिन इसी षड्यंत्र का अब पूरे राज्य के सामने खुलासा होगा !! कमर कस लीजिए !
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से इसे लेकर भी सवाल पूछा गया. जिसके बाद उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली कैबिनेट में आने से पहले ग्रामीण इलाकों के रहने वाले ट्राइबल - नन ट्राइबल लोगों के सुझाव लिए गए. जिसे नियमावली में जगह दी गयी है.
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