वनराज के आराम डाला खलल तो खानी पड़ेगी जेल की हवा, छिंदवाड़ा वन विभाग का फरमान
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इससे कई बार शिकारी को बाघ की मूवमेंट का पता लग जाता है और वे शिकार की घटना को अंजाम देते हैं..

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 13, 2026 at 3:55 PM IST
|Updated : June 13, 2026 at 5:46 PM IST
छिंदवाड़ा: जंगल हो या खेत अगर कहीं बाघ दिख जाए और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया तो अब जेल की हवा खानी पड़ सकती है. इतना ही नहीं बाघ के आराम में खलल डाला तो कानूनी पेंच में भी फंस सकते हैं. छिंदवाड़ा वन विभाग ने ऐसे लोगों के लिए चेतावनी जारी की है.
सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए बाघ के आराम में खलल डालने पर जेल जाना पड़ सकता है. अभी कुछ दिन पहले पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन से लगे गांव में लोगों को एक बाघ दिखाई दिया था तो उसे टॉर्च दिखाकर परेशान किया जा रहा था. साथ ही उसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया. जिसके बाद वन विभाग ने ये चेतावनी जारी की है.

सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने से बाघ की जान को हो सकता है खतरा
पूर्व वनमंडल के DFO स्वरूप दीक्षित ने बताया कि कई व्यक्तियों द्वारा वन्यप्राणी खासकर बाघ के घूमने या उनकी उपस्थिति पाए जाने पर उनका फोटो और वीडियो वाहवाही लूटने की मंशा से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है. जो अत्यन्त चिंताजनक एवं वन्यप्राणियों को प्रताड़ित करना प्रदर्शित करता है.

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इस तरह के प्रचार-प्रसार से वन्यजीवों की जान को खतरा उत्पन्न होता है, क्योंकि इससे कई बार शिकारी को बाघ की मूवमेंट का पता लग जाता है और वे शिकार की घटना को अंजाम देते हैं. सभी आमजन एवं वन्यजीव प्रेमियों से अपील एवं चेतावनी दी जाती है कि वे इस तरह के वीडियो पोस्ट ना करें. भविष्य में इस तरह वन्यप्राणियों को प्रताड़ित किये जाने के प्रचार-प्रसार पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
परेशान करने से हिंसक हो जाते हैं बाघ
वन्य प्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर अंकित मेश्राम ने बताया "बाघ सबसे शांत वन्य प्राणियों में गिना जाता है इसलिए वह अपना शिकार करके सुकून वाली जगह में खाता है. लेकिन अगर कोई उन्हें परेशान करे तो वे हिंसक हो जाते हैं. जब भी वे जंगल दिखें और लोग अगर उन्हें टॉर्च दिखाते हैं या बेवजह परेशान करते हैं तो वे इंसानों पर हमला भी कर सकते हैं. जंगलों में महुआ बीनते या लकड़ी कटाई करते समय के ऐसे कई मामले सामने भी आए हैं."
हर्रई और तामिया में हो चुका है बाघ का शिकार
हाल ही में छिंदवाड़ा के हर्रई के जमुनिया गांव में वन विभाग की टीम ने बाघ का शिकार कर उसके अंगों को बेचने योजना बना रहे पांच लोगों को बाघ के अंगों के साथ गिरफ्तार किया. इसके अलावा 2 महीने पहले तामिया के छातीआम गांव में भी कुछ लोगों ने बाघ का शिकार कर उसे जमीन पर दफना दिया था. ऐसी घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने चेतावनी जारी की है.

