बाड़मेर इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टूडेंट्स का कौशल निखारेंगे 15 नए कोर्स, एआई आधारित कोर्स एनर्जी हब में बढ़ाएंगे रोजगार के अवसर
बाड़मेर में रिफाइनरी, सोलर और विंड एनर्जी के कई प्रोजेक्ट्स कुशल मानव संसाधन की कमी का सामना कर रहे हैं.

Published : January 4, 2026 at 8:20 AM IST
बाड़मेर: जिले में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए बाड़मेर की राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय ने 15 नए कौशल विकास कोर्स शुरू किए. सबसे खास बात है कि बाड़मेर में पहली बार एआई आधारित कोर्स शुरू किया गया.
राजकीय अभियांत्रिकी कॉलेज के प्राचार्य संदीप रांकावत ने बताया कि बाड़मेर जिला देश का प्रमुख ऊर्जा हब बनने जा रहा है. यहां रिफाइनरी, सोलर और विंड एनर्जी के कई प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं. इनमें रोजगार के हजारों अवसर पैदा हो रहे हैं, लेकिन कुशल मानव संसाधन की कमी बड़ी चुनौती है. इंजीनियरिंग कॉलेज की यह पहल इसी कमी को दूर करने का प्रयास है.
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15 नए कौशल विकास कोर्स : डॉ. रांकावत ने बताया कि 15 नए कोर्स उद्योग उन्मुखी हैं. क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकता को ध्यान में रख तैयार किए हैं. खास बात है कि बाड़मेर जैसे दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्र में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोर्स शुरू किए जा रहे हैं. ड्रोन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर इंस्टॉलेशन एंड मेंटेनेंस, साइबर सिक्योरिटी, 3 डी प्रिंटिंग जैसे आधुनिक कोर्स भी शामिल हैं.
किनके लिए खुले: प्राचार्य डॉ. रांकावत के मुताबिक, यह कोर्स केवल स्किल डेवलपमेंट के छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि महाविद्यालय के नियमित छात्रों के लिए भी खुले हैं. इससे छात्र अपनी इंजीनियरिंग डिग्री के साथ अतिरिक्त सर्टिफिकेशन प्राप्त कर सकेंगे, जो उनकी नौकरी की संभावनाएं कई गुना बढ़ाएंगे. इनका उद्देश्य छात्रों को मल्टी-स्किल्ड बनाना है ताकि वे लोकल रहकर ग्लोबल अवसर प्राप्त कर सकें.
एडमिशन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां : डॉ. रांकावत ने बताया कि कॉलेज में प्रवेश एवं रजिस्ट्रेशन फॉर्म 06 जनवरी से शुरू होंगे. रजिस्ट्रेशन फीस समेत फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 5 फरवरी है. रिजल्ट एवं सीट अलॉटमेंट की घोषणा 7 फरवरी को होगी. इसके बाद फिजिकल रिपोर्टिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एवं फीस जमा करने का कार्य 9 से 10 फरवरी को होगा. खाली सीटों के लिए डायरेक्ट एडमिशन स्पॉट राउंड 11 फरवरी से 20 फरवरी को होगा, जबकि 11 फरवरी से कक्षाएं शुरू होंगी. सीट अलॉटमेंट मेरिट से होगा.
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: केंद्र सरकार का रिफाइनरी प्रोजेक्ट, राजस्थान सोलर पार्क और कई विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स के कारण यहां बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है. स्थानीय युवाओं में तकनीकी कौशल की कमी के कारण ज्यादातर नौकरियां बाहर से आने वाले इंजीनियरों और तकनीशियनों को मिल रही हैं. इस कमी को दूर करने के लिए राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय पहले से ही पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस जैसी ब्रांचेस चला रहा है. अब इन नए स्किल कोर्स के जुड़ने से छात्रों को प्रैक्टिकल और उद्योगोन्मुखी ट्रेनिंग मिलेगी.
एआई कोर्स का महत्व: आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर क्षेत्र को बदल रहा है. ऊर्जा क्षेत्र में एआई का उपयोग स्मार्ट ग्रिड मैनेजमेंट, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, ड्रोन से सर्वे, डेटा एनालिटिक्स आदि में हो रहा है. बाड़मेर में एआई कोर्स शुरू होना इसलिए क्रांतिकारी है क्योंकि यहां इन तकनीकों की जरूरत सबसे ज्यादा है. छात्र मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, कंप्यूटर विजन जैसी तकनीकों को सीख सकेंगे.

