रंगों की बौछार में सराबोर राजधानी: सामूहिक होली आयोजनों से रांची में छाया उल्लास
रांची के अलग-अलग इलाकों में सामूहिक होली उत्सव मनाया गया, जहां लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं.

Published : March 4, 2026 at 1:41 PM IST
रांची/देवघर/जामताड़ा/रामगढ़ः रंगों के त्योहार होली पर राजधानी रांची पूरी तरह उत्सव के रंग में रंगी नजर आई. शहर के विभिन्न इलाकों में सामूहिक होली फेस्टिव समारोहों का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं. हर गली, हर मोहल्ला और हर आयोजन स्थल पर बस एक ही दृश्य था, लोग होली खेल रहे हैं, रंग उड़ा रहे हैं और खुशियां बांट रहे हैं.
सभी लोग होली के रंग में झूमते नजर आए
सामूहिक होली आयोजनों ने इस बार राजधानी की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया. कॉलोनियों, क्लबों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में परिवारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. बच्चे रंगों से सराबोर होकर दौड़ते-भागते नजर आए, तो युवा डीजे की धुन पर जमकर थिरकते दिखे. ढोल की थाप और होली गीतों की गूंज से माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो उठा.
होली के इस खास पल को बनाया यादगार
रांची के एक निजी प्लेस में आयोजित भव्य होली फेस्टिवल मुख्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा. यहां युवाओं की बड़ी संख्या जुटी और रंगों के बीच उत्साह चरम पर दिखा. डीजे की लगातार बजती धुनों पर युवा टोली बनाकर नाचते रहे. गुलाल जब हवा में उड़ा तो पूरा परिसर रंगीन धुंध से भर गया. हर कोई अपने दोस्तों के साथ तस्वीरें खिंचवाता और होली के इस खास पल को यादगार बनाता नजर आया. आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया, ताकि सभी लोग सुरक्षित और आनंदपूर्ण माहौल में पर्व का लुत्फ उठा सकें.
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
सामूहिक आयोजनों की खास बात यह रही कि यहां सिर्फ रंगों की मस्ती ही नहीं, बल्कि आपसी सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला. लोग पुराने मतभेद भुलाकर गले मिलते नजर आए. महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक होली गीतों पर समूह में झूमती दिखीं.
रांची के महात्मा गांधी मार्ग में बजरंगबली मंदिर, मल्लाह टोली में युवा एक दूसरे को रंग की जगह गेरुआ मिट्टी लगाकर होली मनाते हैं. केमिकल वाले रंग की जगह खास तरह की मिट्टी से वह भी सूखी यानि बिना पानी वाली होली खेलते हैं. स्थानीय युवा सुरेश निषाद कहते हैं कि केमिकल वाले रंग स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा नहीं होता है. वहीं मिट्टी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है. सुरेश कहते हैं कि बजरंगबली को भी गेरुआ मिट्टी पसंद है, इसलिए मल्लाह टोली के सभी युवा रंगों की जगह मिट्टी से ही होली खेलते हैं.
अपार्टमेंट कल्चर में भी उत्साह से मनाई जा रही है होली
राजधानी रांची में अपार्टमेंट के बढ़ते कल्चर के बीच अलग-अलग सोसाइटी में भी होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. रेडीमेड बाथ टब में रंग भर के बच्चे एक दूसरे पर रंग उड़ेलते दिखे तो महिलाओं की टोली अलग से होली खेलते दिखीं. रांची के एचईसी धुर्वा इलाके होली मनाने का खास अंदाज है. फगुआ के गीतों पर इस पूरे इलाके में रंगोत्सव का त्योहार मनाया जा रहा है.
देवघर में बुधवार को भी होली का माहौल देखने को मिला. आम लोग के साथ-साथ शहर के खास लोगों ने भी एक दूसरे के साथ होली खेल कर खुशियां मनाई. देवघर के उप विकास आयुक्त के आवास पर जिले के सभी अधिकारियों ने एक दूसरे पर रंग डालकर होली खेली. होली के गानों पर डीडीसी पीयूष सिन्हा और जिले के तमाम अधिकारियों ने थोड़े ठुमके भी लगाए और आम लोगों को होली की शुभकामनाएं दी.
अधिकारियों और शहर के खास लोगों के साथ-साथ आम लोगों ने भी होली के मौके पर एक दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी. सिर्फ बिहारी और झारखंडी परंपरा में ही नहीं बल्कि देवघर की धरती पर बंगाली परंपरा में भी लोग होली खेलते दिखे. बंगाल से सटे होने के कारण कई बंगाली परिवारों ने देवघर में होली खेली और बांग्ला गानों पर ठुमके लगाए.
रंगों उमगों के त्योहार होली को लेकर जामताड़ा में उत्साह का माहौल रहा. पूरा जामताड़ा होली के रंग में सराबोर रहा. रंग गुलाल से लोग खूब होली खेले और मस्ती भी की. ढोल नगाड़े के साथ झूमे भी. जामताड़ा मंडल पदाधिकारी आवास में होली मिलन समारोह कार्यक्रम हुआ, जहां जमकर होली खेला गया. जामताड़ा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, अधिवक्तागण, मीडिया पदाधिकारी ने जमकर एसडीओ आवास में होली खेली. एक दूसरे पर रंग अबीर गुलाल लगाकर गले मिले होली की शुभकामनाएं दी.
रामगढ़ जिले में होली का पर्व पूरे उत्साह, उमंग और सौहार्द के साथ मनाया जा रहा है. शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, हर जगह रंगों की बौछार और खुशियों की झलक साफ दिखाई दी. सुबह से ही लोग अपने-अपने मोहल्लों और गांवों में टोलियां बनाकर निकल पड़े. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला.
गली-मोहल्लों में ढोल-नगाड़ों और होलियाना गीतों की गूंज सुनाई देती रही. महिलाएं पारंपरिक फाग गीतों पर झूमती नजर आईं, वहीं युवा ‘होली आई रे कन्हाई’ और ‘रंग बरसे’ जैसे गीतों पर थिरकते दिखे. रंग, अबीर और गुलाल से एक-दूसरे को सराबोर करने की होड़ लगी रही. हर तरफ रंगों की उड़ती फुहारों ने माहौल को पूरी तरह रंगमय बना दिया.
लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया. कई स्थानों पर सामूहिक होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया, जहां लोगों ने मिलकर रंग खेला और एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटी.
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