खाद संकट के बीच धमतरी में कृषि विभाग का छापा, 2 लाइसेंस निलंबित, 3 विक्रेताओं को नोटिस
कलेक्टर ने किसानों से कहा कि प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, किसान खाद के लिए परेशान नहीं हों.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 26, 2026 at 9:15 PM IST
धमतरी: खरीफ के सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और जमाखोरी-कालाबाजारी पर रोक लगाने की कोशिश में कृषि विभाग है. खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगे इसके लिए कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रय केंद्रों पर छापामार कार्रवाई शुरू की है. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और संचालक कृषि राहुल देव के निर्देश पर अधिकारियों ने धमतरी और कुरूद विकासखंड के कई खाद विक्रय केंद्रों का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया.
कृषि विभाग का छापा
जांच के दौरान यादव खाद भंडार, दानीटोला और रूपाली कृषि केन्द्र, रामबाग में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया. साथ ही दोनों दुकानों पर मूल्य सूची और स्टॉक सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी. जिसके बाद सभी को नोटिस जारी किया गया. लेकिन सभी दुकान संचालकों ने जारी कारण बताओ नोटिस का भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया. इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया.
खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. किसान अफवाह में पड़कर खाद के लिए परेशान नहीं हों. खाद की कालाबाजारी करने वालों को हमारी सख्त चेतावनी है. हमारी ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी: अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर

कलेक्टर ने दी चेतावनी
वहीं कुणाल कृषि केन्द्र, कोलियारी, सूरज कृषि केन्द्र, कोलियारी और सांई कृपा कृषि केन्द्र, दानीटोला में भी निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जाएगा
कलेक्टर ने कहा कि खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री और नियमों के उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि खरीफ सीजन के दौरान हर किसान को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध हो तथा किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी पैदा न होने दी जाए. कृषि विभाग ने बताया कि 1 जुलाई से 31 अगस्त तक जिलेभर में विशेष उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, अधिक कीमत पर बिक्री और बिना पीओएस मशीन के खाद वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

किसान खाद को लेकर नहीं हों परेशान, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
प्रशासन ने कहा जिले में फिलहाल उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. अब तक किसानों को 16,957.34 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है. जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें, ताकि खरीफ सीजन में किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े.

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