लखीमपुर खीरी में गन्ने के खेतों में टहलता दिखा बाघ, ग्रामीणों में दहशत
बाघ का खेतों में घूमते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, आसपास के कई गांवों के लोग सहमे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 9, 2026 at 9:37 AM IST
लखीमपुर खीरी: जिले में आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती चहलकदमी लोगों की चिंता का कारण बनती जा रही है. मझगई वन रेंज क्षेत्र के दिलवाल पुरवा गांव के पास खेतों में बाघ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. बाघ का खेतों में घूमते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आसपास के कई गांवों के लोग भी सहमे हुए हैं. वन विभाग ने मौके पर टीम तैनात कर निगरानी शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र से सटे लखीमपुर खीरी जिले के मझगई वन रेंज अंतर्गत दिलवाल पुरवा गांव के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किसानों ने खेतों में एक बाघ को घूमते हुए देखा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ सबसे पहले दिनेश के खेत में दिखाई दिया. कुछ देर तक खेत में चहलकदमी करने के बाद वह संत कुमार के खेत की ओर बढ़ गया.
बाघ को अचानक सामने देखकर खेतों में काम कर रहे किसान और मवेशी चरा रहे ग्रामीण घबरा गए. सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले. घटना की सूचना मिलते ही गांव में बाघ आने की खबर तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके की ओर पहुंच गए. इसी दौरान किसी ग्रामीण ने बाघ का वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
वीडियो वायरल होने के बाद केवल दिलवाल पुरवा ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों में भी दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगल से निकलकर वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं, जिससे खेतों में काम करना भी जोखिम भरा होता जा रहा है.
वन विभाग का कहना है कि फिलहाल बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
मझगई वन रेंज के रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर बाघ देखा गया है, वह जंगल से सटा हुआ इलाका है. संभावना है कि भोजन या अपने प्राकृतिक विचरण के दौरान बाघ जंगल से बाहर निकल आया हो.
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर भेज दी गई है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है. वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों में न जाएं, बच्चों को जंगल की ओर न जाने दें और यदि कहीं बाघ दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे घेरने का प्रयास बिल्कुल न करें. किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
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