वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ खूंखार तेंदुआ; लखीमपुर खीरी में 1 महीने में चौथा तेंदुआ पकड़ाया
तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 21, 2026 at 8:47 AM IST
लखीमपुर खीरी: जिले के तराई क्षेत्र में कई दिनों से दहशत का कारण बना खूंखार तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया. बेलरायां वन रेंज के मुर्तिहा क्षेत्र स्थित वीर बाबा स्थान के पास रविवार सुबह तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर मेडिकल परीक्षण के बाद वन क्षेत्र में छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है.
लखीमपुर खीरी जिले के बेलरायां वन रेंज क्षेत्र के मुर्तिहा इलाके में पिछले कई दिनों से तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था. तेंदुआ लगातार गांव के आसपास और गन्ने के खेतों में घूमता दिखाई दे रहा था.
इससे ग्रामीणों का खेतों में जाना तक मुश्किल हो गया था. ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुआ अब तक कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका था, जिसके चलते लोगों ने वन विभाग से उसे पकड़ने की मांग की थी.
ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर आधा दर्जन से अधिक पिंजरे लगाए थे. मुर्तिहा स्थित वीर बाबा स्थान के पास गन्ने के खेत में लगाए गए एक पिंजरे में चारे के रूप में बकरी बांधी गई थी. रविवार सुबह शिकार की तलाश में निकला तेंदुआ बकरी के लालच में पिंजरे के भीतर घुस गया और कैद हो गया.
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही बेलरायां वन रेंजर भूपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर रेंज कार्यालय ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. वन अधिकारियों के अनुसार तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएग.
तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसे घेरने या छेड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल विभाग को सूचना दें. एहतियात के तौर पर अभी भी क्षेत्र के करीब 8 स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, ताकि मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके.
वन रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने में पिंजरे में कैद होने वाला यह चौथा तेंदुआ है, जबकि बीते तीन महीनों के दौरान यह 7वां तेंदुआ है, जिसे रेस्क्यू किया गया है. इससे पहले कटैला फार्म, सिंहौना, नौरंगाबाद, रननगर, सिंगहा और भिड़ौरी क्षेत्र से भी तेंदुआ पकड़कर सुरक्षित जंगलों में छोड़ा जा चुका है.
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