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महिला बंदियों के बनाए आर्टिफिशियल गजरे मुंबई के बाजार में मचाएंगे धूम, फैशन डिजाइनर दे रहे ट्रेनिंग

झारखंड के जेलों में महिला कैदी गजरे बना रही हैं. इन गजरों की काफी डिमांड है.

female prisoners
ग्राफिक्स इमेज (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 22, 2026 at 1:10 PM IST

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Updated : February 22, 2026 at 1:57 PM IST

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रांची: झारखंड की अलग-अलग जेलों में महिला बंदियों के बनाए वस्त्र से लेकर सोहराई पेंटिंग तक, अक्सर खबरों में रहते हैं. इसी सिलसिले में, झारखंड की कुछ जेलों में महिला कैदी अब आर्टिफिशियल गजरे बना रही हैं. ये गजरे इतने खूबसूरत हैं कि मुंबई में इनके लिए मार्केट बनाने की तैयारी चल रही है.

गजरे बना रही हैं महिलाएं

आवेश, दुश्मनी या फिर किसी लालच में अपराध करने वाले अब अपने हाथों के काम के हुनर ​​से सबको हैरान कर रहे हैं. रांची की कुछ जेलों में महिला कैदी अब आर्टिफिशियल गजरे बना रही हैं. अब तक आपने असली फूलों वाले गजरे देखे होंगे जो मुश्किल से एक दिन चलते हैं. अब, आपको झारखंड की जेलों में भी ताजे दिखने वाले गजरे मिल सकते हैं. ये गजरे न कभी मुर्झाएंगे और न ही खराब होंगे. आपको बस उन पर अपना पसंदीदा इत्र लगाना है और फिर उन्हें अपने बालों में लगाना है.

जानकारी देते जेल आईजी (Etv Bharat)

बेहतरीन गजरा बना रहीं महिला बंदी

झारखंड के जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि ये गजरे महिला कैदी बना रही हैं. तस्वीरों से पता चलता है कि ये कितने खूबसूरत हैं. आईजी के मुताबिक, शुरुआत में पुरुष कैदी इन्हें बनाते थे, लेकिन कुछ महिला बंदियों ने इन्हें बनाने की इच्छा जताई, और उन्हें शुरुआत में कुछ गजरे दिए गए, जिन्हें उन्होंने बहुत अच्छे से बनाया. इससे महिला बंदियों ने गजरे बनाना शुरू किया.

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महिला बंदियों द्वारा बनाया गया गजरा (Etv Bharat)

फैशन डिजाइनर किया गया बहाल

जेल आईजी ने बताया कि जब रांची और हजारीबाग जेलों में बड़ी संख्या में महिला कैदी आर्टिफिशियल गजरे बनाने के लिए तैयार हुईं, तो उन्होंने इस काम के लिए एक फैशन डिजाइनर अपॉइंट किया. फैशन डिजाइनर ने महिला बंदियों के बनाए जा रहे गजरों में कई तरह के टच जोड़े, जिससे उनका काम और बेहतर हुआ. जेल आईजी ने बताया कि फैशन डिजाइनर अब महिला बंदियों को न केवल गजरे बनाना सिखा रहे हैं, बल्कि कई तरह की दूसरी ज्वेलरी और कपड़े बनाना भी सिखा रहे हैं.

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महिला बंदियों द्वारा बनाया गया गजरा (Etv Bharat)

बाजार उपलब्ध कराएगा जेल प्रशासन

महिला बंदियों के बनाए आर्टिफिशियल गजरे काफी आकर्षक हैं, इसलिए इनकी बिक्री के लिए मार्केट देने की तैयारी चल रही है. जेल आईजी ने कहा कि ऐसे गजरों की फिल्म इंडस्ट्री में बहुत डिमांड है और ये साउथ में भी बहुत पॉपुलर हैं. अभी, वे मुंबई में एक मार्केट बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि महिला बंदियों को पहचान मिल सके और अगर वे अपनी सजा पूरी करने के बाद रिहा होती हैं, तो उन्हें काम करने का मौका मिल सके.

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महिला बंदियों द्वारा बनाया गया गजरा (Etv Bharat)

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Last Updated : February 22, 2026 at 1:57 PM IST