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मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिकारी फंदे ने ली पैंथर की जान, मचा हड़कंप

मृत मादा पैंथर करीब 5 से 6 साल के बीच की थी. शिकारी फंदा किसने लगाया है, इस संबंध में जांच की जा रही है.

पैंथर की मौत (प्रतीकात्मक)
पैंथर की मौत (प्रतीकात्मक) (फाइल फोटो)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 6, 2026 at 11:02 AM IST

3 Min Read
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कोटा : मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में शिकारी के फंदे में फंसने से एक पैंथर की मौत हुई है. घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया. यह शिकारी फंदा किसने लगाया है, इस संबंध में पड़ताल के लिए कैमरा ट्रैप लगा दिए गए हैं. दूसरी तरफ शिकारी की पड़ताल शुरू की गई है. मृत मादा पैंथर करीब 5 से 6 साल के बीच की थी. इसके संबंध में वन विभाग के अधिकारियों को कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने सूचना दी है. कोटा की मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की पेरीफेरी में करीब 100 से ज्यादा पैंथर मौजूद हैं.

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक मुथु सोमासुंदरम का कहना है कि कोटा सिटी एसपी रविवार को चंबल सफारी के लिए गई थी. उन्होंने ही पैंथर को मृत अवस्था में देखा था. उनसे मिली सूचना के बाद मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंच गई थी. यह घटना चंबल की कराइयों में हुई है. मुथु सोमासुंदरम का कहना है कि जब मौके से पैंथर की बॉडी रिकवर की गई थी, वह फंदे से लटकी हुई थी और उसके एक हाथ और कंधे के आसपास यह फंदा फंसा हुआ था.

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ट्रॉमेटिक शॉक से हुई मौत : उन्होंने बताया कि शरीर पर उसके ज्यादा जख्म नहीं हैं, लेकिन उसकी मौत ट्रॉमेटिक शॉक से हुई है. पैंथर शेड्यूल 1 का जानवर है. ऐसे में पूरे प्रोटोकॉल के साथ उसका पोस्टमार्टम करवाया गया है. इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि पैंथर की मौत बॉडी मिलने के कुछ घंटे पहले ही हुई थी. संभावना भी जताई जा रही है कि वह शनिवार रात को ही इस फंदे में फंसी थी. इससे निकलने के चलते ही वह ट्रॉमेटिक शॉक में चली गई और मौत हो गई.

कैमरा ट्रैप लगा मॉनिटरिंग की तेज : डीसीएफ मुथु सोमासुंदरम का कहना है कि पैंथर की बॉडी से डिकंपोस्ट नहीं हुई थी. पहली बार मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में इस तरह का फंदा मिला है. यह बूंदी जिले में थोड़ी कॉमन प्रैक्टिस है. हमने एहतियातन काफी संख्या में वन कर्मियों को इस एरिया में तैनात किया है. आसपास आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है. इसमें आर्मी की मदद भी ली जा रही है. शिकारी फंदे को लेने जरूर आएगा, इसीलिए कैमरा ट्रैप भी लगा दिए गए हैं. जिस जगह घटना हुई है, वह आर्मी कैंप के नजदीक की घटना है. उनकी भी मॉनिटरिंग करवाई जा रही है.