नाहरगढ़ में 'रानी' ने दिया होली का गिफ्ट, 100 किलो बच्चे के जन्म से पार्क में छाईं खुशियां
अब एग्जॉटिक पार्क में हिप्पो फैमिली के 6 सदस्य हो गए हैं.

Published : March 4, 2026 at 11:32 AM IST
जयपुर : राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से एक अच्छी खबर सामने आई है. मादा हिप्पो रानी ने तीसरी बार एक बेबी हिप्पो को जन्म दिया है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एग्जॉटिक पार्क में हिप्पो का बच्चा हुआ है. पिछले काफी समय से राजा नाम के नर हिप्पो के साथ रानी का जोड़ा बनाया गया था. दोनों की जोड़ी से 17 जुलाई 2020 को मादा हिप्पो राजकुमारी का जन्म हुआ था. वर्ष 2022 में नर हिप्पो राजकुमार का जन्म हुआ था.
हिप्पो राजकुमारी ने भी पिछले साल एक हिप्पो को जन्म दिया था, जिसके बाद अब एग्जॉटिक पार्क में हिप्पो फैमिली के 6 सदस्य हो गए हैं. बेबी हिप्पो के जन्म से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है. डीसीएफ विजयपाल सिंह ने हिप्पो की मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के उपनिदेशक और वरिष्ठ वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉक्टर अरविंद माथुर के नेतृत्व में हिप्पो की विशेष निगरानी रखी जा रही है.
पढ़ें. खुशखबरी! 5 साल की 'राजकुमारी' ने दिया बच्चे को जन्म, वजन करीब 100 किलो
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के उपनिदेशक डॉ. अरविंद माथुर के मुताबिक धुलंडी के दिन नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एक्जॉटिक पार्क में मादा हिप्पो रानी ने एक हिप्पो बेबी को जन्म दिया है. हिप्पो बच्चे का वजन करीब 100 किलो है. हिप्पो जोड़ी राजा और रानी से पहली बार 17 जुलाई 2020 को हिप्पो राजकुमारी का जन्म नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एग्जॉटिक पार्क में हुआ था.
हिप्पो फैमिली के 6 सदस्य हो गए : इसके बाद वर्ष 2022 में नर हिप्पो राजकुमार का जन्म हुआ. धुलंडी के दिन तीसरी बार रानी ने बच्चे को जन्म दिया है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एग्जॉटिक पार्क में अब हिप्पो फैमिली के 6 सदस्य हो गए हैं. नर हिप्पो को मादा से अलग रखा गया है ताकि बच्चे को किसी तरह से खतरा नहीं हो. हिप्पोपोटामस यानी दरियाई घोड़े के बच्चा होने से प्रदेशभर के वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग में खुशी की लहर है.
पढ़ें. नाहरगढ़ से आई 'गुड न्यूज', मादा हिप्पो ने दूसरी बार दिया बेबी हिप्पो को जन्म
हिप्पो के जोड़े से सफल प्रजनन : नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एग्जॉटिक पार्क में हिप्पो यानी दरियाई घोड़े के जोड़े से सफल प्रजनन हो रहा है. हिप्पो के बच्चे के लिए अलग से पॉन्ड बनाया गया है. मादा दरियाई घोड़े को नर दरियाई घोड़े से अलग रखा गया है. मादा हिप्पो और उसके बच्चे की 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. समय-समय पर हिप्पो को भोजन पानी दिया जा रहा है.
अगस्त 2019 में दिल्ली से जयपुर लाया गया था जोड़ा : अगस्त 2019 में दरियाई घोड़े का जोड़ा दिल्ली से जयपुर लाया गया था. प्रदेश में पहली बार ही दरियाई घोड़ा लाया गया था, जो एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत था. दरियाई घोड़े के बदले जयपुर से एक जोड़ी घड़ियाल और एक जोड़ी वूल्फ को भेजा गया था. दरियाई घोड़े का जोड़ा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बने एग्जॉटिक पाक की शान बना हुआ है और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
दरियाई घोड़ा दुनिया का तीसरा सबसे भारी जानवर : दरियाई घोड़े का जोड़ा घास खाता है और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में घास भी प्राकृतिक रूप से पनपती है. दरियाई घोड़े के बच्चा होने के बाद से ही विशेष निगरानी रखी जा रही है. खाने पीने में भी विशेष डाइट दी जा रही है और स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा रहा है. दरियाई घोड़ा दुनिया का तीसरा सबसे भारी जानवर है. दुनिया के भारी जानवरों में पहला व्हेल मछली, दूसरा हाथी और तीसरा दरियाई घोड़ा है. दरियाई घोड़ा पानी और थल दोनों जगह पर ही रहता है. दरियाई घोड़ा को हिप्पोपोटामस के नाम से भी जाना जाता है. यह जलीय जीव है, जो कि अफ्रीका में पाया जाता है.

