बूंदी में चरवाहों पर भालू ने किया हमला, 70 टांके लगे, उदयपुर में तेंदुए ने 3 लोगों को किया घायल
वन्यजीवों के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

Published : August 26, 2026 at 12:26 PM IST
बूंदी/उदयपुर : बूंदी और उदयपुर में 'मानव-वन्यजीव संघर्ष' का मामला सामने आया है. बूंदी के रामगढ़ टाइगर रिजर्व की इंद्रगढ़ रेंज में बगली गांव के पास मंगलवार शाम एक मादा भालू ने तीन चरवाहों पर अचानक हमला कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं, उदयपुर में तेंदुए ने अचानक तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया.
बूंदी में भालू के हमले में घायल युवक को परिजन तत्काल बूंदी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने करीब डेढ़ घंटे तक सर्जरी कर उसके सिर और शरीर के गंभीर घावों का उपचार किया. उसके सिर पर 70 से ज्यादा टांके लगाए गए हैं. फिलहाल, घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. घटना के बाद से बगली गांव और आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार सुबह रामगढ़ टाइगर रिजर्व की इंद्रगढ़ रेंज की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी जुटाई.
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अचानक सामने आई मादा भालू, तीनों पर झपटी : रामगढ़ टाइगर रिजर्व के एसीएफ हरि सिंह हाड़ा के अनुसार रेंजर से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना खटखड़ से करीब छह किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में हुई. मंगलवार शाम तीन चरवाहे क्षेत्र में मौजूद थे. इसी दौरान एक मादा भालू अचानक उनके सामने आ गई और तीनों पर हमला कर दिया. घबराए दो चरवाहे तेजी से पेड़ पर चढ़ गए. इससे वे उसकी पहुंच से बच गए, लेकिन उनका साथी कालूलाल नीचे ही रह गया. मादा भालू ने कालूलाल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. साथी को घायल देखकर दोनों चरवाहे भी घबरा गए. किसी तरह भालू के वहां से जाने के बाद उन्होंने इसकी सूचना परिजनों और ग्रामीणों को दी.
सिर पर गहरे घाव, लगातार बह रहा था खून : हमले में घायल कालूलाल को मंगलवार रात बूंदी जिला अस्पताल लाया गया. उसकी हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया. प्लास्टिक सर्जन डॉ. आशीष व्यास और जनरल सर्जन डॉ. शुभम व्यास ने जांच के बाद सिर की तत्काल सर्जरी करने का निर्णय लिया. डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे चली सर्जरी के दौरान सिर पर गंभीर घावों के कारण 70 से ज्यादा टांके लगाए गए. घायल के सिर से लगातार रक्तस्राव हो रहा था, जिसे सर्जरी के जरिए नियंत्रित किया गया. चिकित्सकों की टीम ने समय रहते उपचार शुरू कर उसकी स्थिति को स्थिर किया. फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
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घटना स्थल पहुंची वन विभाग की टीम : घटना की सूचना मिलते ही बुधवार सुबह इंद्रगढ़ रेंज के रेंजर जितेंद्र वर्मा सहित वन विभाग के अधिकारी बगली गांव पहुंचे. टीम ने ग्रामीणों और घायल के परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी ली. वन विभाग की टीम घटना के वास्तविक कारण और परिस्थितियों की जांच कर रही है. रेंजर जितेंद्र वर्मा ने बताया कि टीम ने गांव पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली है, लेकिन घटना को लेकर अभी पूरी तरह स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. घायल का बूंदी जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है. नियमानुसार पीड़ित को मिलने वाली सहायता या मुआवजा उपलब्ध करवाने की कार्रवाई की जाएगी.
उदयपुर में तेंदुए का आतंक : शहर के पास उमरड़ा खेड़ा गांव में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. आबादी क्षेत्र के नजदीक बैठे तेंदुए ने अचानक तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. हमले के बाद ग्रामीणों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर जुटे, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला. घायलों को उपचार के लिए उदयपुर के एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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स्थानीय व्यक्ति गोपाल मीणा ने बताया कि ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले थे. इसी दौरान आबादी क्षेत्र के पास घात लगाकर बैठे तेंदुए ने हमला कर दिया. हमले में जंगगा (60) पुत्र कालू मीणा, रितेश (20) पुत्र गंगाराम और कालू (40) घायल हुए हैं. ग्रामीणों ने किसी तरह घायलों को संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है. ग्रामीणों के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्र में घर होने के कारण घटनास्थल तक वाहन पहुंचना मुश्किल था. ऐसे में घायलों को पगडंडी के रास्ते नीचे सड़क तक लाया गया और वहां से अस्पताल पहुंचाया गया. सूचना मिलने पर गिरवा तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय, पटवारी महेंद्र सिंह चौहान और आशीष नलवाया भी मौके पर पहुंचे. प्रारंभिक उपचार के बाद घायलों को एमबी अस्पताल भेजा गया.
उमरड़ा खेड़ा और आसपास के इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीण पहले से परेशान हैं. एक दिन पहले मंगलवार शाम करीब 6 बजे भी तेंदुए ने गांव के लोगर लाल मीणा (45) पर हमला किया था. लोगर लाल घर के बाहर बैठे थे, तभी पास में घात लगाए तेंदुए ने उन पर झपट्टा मार दिया. हमले में उनके सिर और शरीर पर पंजों के निशान आए थे. लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है. डीएफओ डीके तिवारी भी मौके पर पहुंचे. विभाग की टीम ने पिंजरा लगा रखा है और ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है. अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा है कि वे घरों से बाहर निकलते समय अपने साथ डंडा रखें.

