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फाजिलनगर का नाम होगा पावागढ़; कुशीनगर में CM योगी का ऐलान

सीएम योगी ने कुशीनगर को दी 424 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, बोले- मच्छर और माफिया दोनों गायब

कुशीनगर में सीएम योगी.
कुशीनगर में सीएम योगी. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : June 2, 2026 at 2:56 PM IST

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Updated : June 2, 2026 at 6:20 PM IST

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कुशीनगर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार कुशीनगर के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने जिले को 424 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी. तमकुहीराज क्षेत्र के हरिहरपुर में आयोजित जनसभा से पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. सीएम योगी ने इस मौके पर महत्वपूर्ण घोषणा की. कहा कि फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ किया जाएगा.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध और जैन परंपरा का उल्लेख करते हुए फाजिलनगर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि फाजिलनगर का नाम उसकी सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप बदलकर "पावागढ़" किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. जल्द ही नया नामकरण होगा. मुख्यमंत्री के इस बयान पर जनसभा में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया.

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की विकृत मानसिकता के कारण कुशीनगर लंबे समय तक उपेक्षित रहा. एक समय ऐसा था लोग भूख और बदहाली का जीवन जीने को मजबूर थे. इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी से हर वर्ष बड़ी संख्या में बच्चों की मौत होती थी और जिले में माफिया तथा अराजक तत्वों का प्रभाव बना रहता था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने माफिया को उत्तर प्रदेश से समाप्त किया है और मच्छरों को भी समाप्त किया है. मच्छर बीमारियां लाते हैं और माफिया बेरोजगारी लाते हैं. बीमारी और बेरोजगारी की समस्या का समाधान कर आज उत्तर प्रदेश में जब कोई नौकरी निकलती है तो उसमें हमारे कुशीनगर के नौजवान भी नियुक्ति पत्र प्राप्त करते हैं.

कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के बाद यह उनका पहला दौरा है. यह स्थान भगवान राम के पुत्र कुश से जुड़ा हुआ है. यह भूमि भगवान बुद्ध और भगवान महावीर से भी संबंधित है. कुशीनगर ऐसी समृद्ध और गौरवशाली विरासत का साक्षी है.

मुख्यमंत्री ने नौ-दस साल पहले की स्थितियों को याद किया. कहा कि पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी. 'जंगल पार्टी' के आतंक से लोग भयभीत रहते थे. उस समय अराजकता और कानूनहीनता का माहौल था. आज की पीढ़ी, खासकर 25 साल से कम उम्र के लोग, शायद उस डर को नहीं जानते.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हर जिले का संतुलित विकास होगा. कुशीनगर में हो रहे विकास कार्य इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. यह परिवर्तन जनता द्वारा भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर जताए गए विश्वास का परिणाम है. आपके दिए गए वोट और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला का उल्लेख किया. कहा कि यदि किसी को फिल्म जगत में करियर बनाना है तो वे उनसे मार्गदर्शन ले सकते हैं. इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि कुशीनगर के सांसद विजय कुमार दूबे ने भी भी फिल्मों में जाने की इच्छा जताई है, जिस पर सभा में मौजूद लोगों के बीच तालियां गूंज उठीं.

सीएम के संबोधन से पहले तमकुहीराज के भाजपा विधायक डॉ. असीम कुमार, फाजिलनगर के विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा, सांसद गोरखपुर रवि किशन शुक्ला, सांसद
देवरिया शशांक मणि त्रिपाठी ने भी जनसभा को संबोधित किया. कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, खड्डा के विधायक विवेकानंद पाण्डेय, पडरौना के विधायक मनीष जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह, पूर्व विधायक नन्द किशोर मिश्रा, राज्य बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, यूपी एग्रो के उपाध्यक्ष जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम चन्द्र मिश्र सहित कई अन्य ग मौजूद रहे.

सीएम योगी. (Video Credit; ETV Bharat)

पूर्वांचल के किसानों के लिए मील का पत्थर बनेगा महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशीनगर में निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा. अपनी जनसभा के बाद सीएम निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय की प्रगति देखने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे. कहा कि यह विश्वविद्यालय आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान और वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि इसी शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाए. स्थायी भवन का निर्माण सितंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. तब तक किराए के भवन अथवा जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार का बड़ा केंद्र बनेगा. यहां तैयार होने वाले कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ नई तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने का काम करेंगे, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा. साथ ही कृषि उत्पादों के वैल्यू एडिशन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने से किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी.

जानिए फाजिलगनर क्यों प्रसिद्ध?

जिस फाजिलनगर का नाम बदलकर सीएम योगी ने पावागढ़ किए जाने का ऐलान किया है, वह जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की निर्वाण स्थली (पावापुरी) और महात्मा बुद्ध के अंतिम पड़ाव मानी जाती है. जैन ग्रंथों के अनुसार, फाजिलनगर प्राचीन स्थल (पावानगर या पावापुरी) है, यहां भगवान महावीर स्वामी को निर्वाण की प्राप्ति हुई थी. यहां एक भव्य जैन मंदिर है, जिसमें एक आकर्षक 'मनस्तम्भ' और चार प्राचीन मूर्तियां हैं.

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Last Updated : June 2, 2026 at 6:20 PM IST