ETV Bharat / state

पलामू में रहस्यमयी बीमारी से पिता-पुत्री की मौत, परिवार के चार सदस्यों की हालत गंभीर, गांव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम रवाना

पलामू में रहस्यमयी बीमारी से पिता-पुत्री की मौत हो गई है. साथ ही परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार हैं.

Mysterious disease in Palamu
पिता-पुत्री के शव और ग्रामीणों की भीड़. (फोटो-ईटीवी भारत)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 20, 2026 at 2:53 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

पलामूः जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में रहस्यमयी बीमारी से पिता-पुत्री की मौत हो गई है. जबकि परिवार के चार अन्य सदस्यों की हालत गंभीर है. सभी को इलाज के लिए रिम्स में भेजा जा रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के लिए रवाना हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीम मौत के कारणों पता लगाएगी.

शरीर में सूजन की शिकायत थी

दरअसल, सिक्का गांव के रहने वाले कुलदीप महतो और उनकी बेटी को शरीर में सूजन होने के बाद इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था. शुक्रवार की देर रात कुलदीप महतो की मौत हो गई, जबकि शनिवार की सुबह उनके बेटी बबीता कुमारी की मौत हो गई. इनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है.

घर के बाकी सदस्य भी बीमार

घर में कुलदीप महतो की पत्नी लाखो देवी, बहू स्वेता, बेटा नकुल महतो और एक अन्य बेटी भी बीमार है. स्थानीय ग्रामीण और रिश्तेदारों के द्वरा सभी को इलाज के लिए रिम्स भेज दिया गया है. सभी को शरीर में सूजन की शिकायत है.

डॉक्टरों की टीम गांव रवाना

इस संबंध में पाटन के चिकित्सा प्रभारी डॉ. श्रवण मेहता ने बताया कि ग्रामीणों के माध्यम से मौत की जानकारी मिली है. डॉक्टरों की टीम को गांव भेजा गया है. पूरे मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

खान-पान में गड़बड़ी की आशंकाः डॉ. आरके रंजन

वहीं MMCH में तैनात सीनियर डॉक्टर आरके रंजन ने बताया कि कुलदीप महतो और उनकी बेटी को शुक्रवार को इमरजेंसी में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. दोनों को रिम्स रेफर किया जा रहा था, लेकिन परिवार वाले राजी नहीं थे. दोनों का शरीर फूल गया था. खान-पान में कोई गड़बड़ी की आशंका है.

जांच के लिए लिखा गया था, लेकिन जांच नहीं करवाई गई. जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक बीमारी का कारण पता चल पाता. परिवार जागरूक और शिक्षित नहीं है. डॉक्टरों की सलाह को भी नहीं मान रहे थे. खान-पान के बारे में जानकारी ली गई थी और जांच के लिए लिखा गया था.

ये भी पढ़ें-

पलामू में गोलगप्पा खाने से 150 से अधिक बच्चे बीमार, इलाज में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम

पलामू में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की 40 छात्राएं हुईं फूड प्वाइजनिंग की शिकार, अस्पताल में चल रहा है इलाज

लातेहार में फूड प्वाइजनिंग से 35 बच्चों की हालत बिगड़ी, सभी अस्पताल में भर्ती