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फतेहपुर में आंधी-बारिश का कहर: छप्पर गिरने से बुजुर्ग किसान की मौत, 9 लोग घायल और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त

सिलमी गांव में छप्पर गिरने से किसान त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी की मौत हो गई. बिजली गिरने और दीवारें ढहने से 9 लोग घायल हो गये.

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बहरीडेरा गांव में हवा में उड़ती टिन शेड की चपेट में आने से बच्ची घायल, फतेहपुर के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 30, 2026 at 10:46 PM IST

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फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई. चक्रवाती हवाओं के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली इस विनाशकारी आंधी के कारण जिले में कई कच्चे मकान और पक्की दीवारें ढह गईं. इस प्राकृतिक आपदा के दौरान किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव में छप्पर गिरने से बुजुर्ग किसान की मौत हो गई. इसके अलावा जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों से आंधी-पानी की चपेट में आने से करीब नौ लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली है.

मलबे में दबे बुजुर्ग किसान: सिलमी गांव के रहने वाले 68 वर्षीय किसान त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी उर्फ पराग त्रिपाठी रात में अपने परिवार के साथ घर के बाहर बने एक छप्पर के नीचे सो रहे थे. रात करीब दो बजे अचानक मौसम बिगड़ने और तेज हवाएं चलने पर परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित तरीके से पक्के घर के अंदर चले गए थे. हालांकि, कुछ देर बाद त्रिवेणी प्रसाद किसी काम से बाहर निकले और उसी छप्पर के नीचे जाकर खड़े हो गए. इसी दौरान आंधी के तेज झोंके के कारण छप्पर अचानक भरभराकर ढह गया और वे उसके मलबे के नीचे दब गए.

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करीब 12 घंटे तक मोबाइल नेटवर्क सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहीं. (Photo Credit: ETV Bharat)

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम: आसपास मौजूद परिजन उन्हें मलबे से बाहर निकालकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. इस हादसे के दौरान पास में लगा एक विशाल नीम का पेड़ भी जड़ से उखड़कर पड़ोसी के पक्के शौचालय पर गिर गया, जिससे वह भी पूरी तरह जमींदोज हो गया. स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और दैवीय आपदा राहत कोष से नियमानुसार उचित आर्थिक सहायता दिलाने का पूरा आश्वासन दिया है. इस बीच, आक्रोशित ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

आवास योजना पर उठे गंभीर सवाल: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सिलमी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अधिकारियों की मिलीभगत से कई अपात्र लोगों को रेवड़ियों की तरह दिया गया है. इसके विपरीत त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी जैसे बेहद जरूरतमंद और गरीब परिवार आज भी जर्जर कच्चे मकानों और छप्परों में रहने को मजबूर हैं. उधर, खागा तहसील क्षेत्र के संवत गांव में आंधी के दौरान भारी आकाशीय बिजली गिरने से BSNL और Jio के मोबाइल टावर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस तकनीकी खराबी के कारण क्षेत्र में करीब 12 घंटे तक मोबाइल नेटवर्क सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहीं.

इलेक्ट्रॉनिक सामान हुए खाक: आकाशीय बिजली गिरने से मोबाइल टावरों के भीतर लगे कई कीमती और आधुनिक डिजिटल उपकरण पूरी तरह जलकर खराब हो गए. इसके साथ ही तेज वोल्टेज के कारण आसपास के दर्जनों ग्रामीण घरों में लगे टीवी, फ्रिज और पंखे जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी पूरी तरह फुंक गए. आंधी के कारण खैरई गांव में एक कच्चे मकान का ऊपरी हिस्सा अचानक गिरने से रामशरण और उनकी पत्नी दुर्गा देवी मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं दूसरी तरफ, अवसानपुर कूरा गांव में एक पुरानी दीवार गिरने से नरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी ज्ञानमती गंभीर रूप से चोटिल हो गए.

दीवार गिरने से चार लोग घायल: हादसों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका और रावतपुर खैरी गांव में पड़ोसी की एक जर्जर दीवार अचानक गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दबकर लहूलुहान हो गए. इन घायलों में से दो की नाजुक हालत को देखते हुए स्थानीय डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया है. इसके अतिरिक्त बहरीडेरा गांव में आंधी के वेग से हवा में उड़कर आई एक नुकीली टिन की चादर लगने से एक मासूम बच्ची भी बुरी तरह कटकर घायल हो गई. इस भीषण आंधी और बेमौसम बारिश से फतेहपुर जिले के कई सुदूर इलाकों में आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

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