कॉर्बेट के नाम पर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर से ठगी, आप भी बुकिंग कराने से पहले इन बातों के रखे ध्यान
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व टूर के नाम से ठगी हुई है. फोटोग्राफर से रामनगर से व्यक्ति ने करीब 1.5 लाख रुपए ठगे.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 26, 2025 at 3:22 PM IST
|Updated : December 26, 2025 at 5:37 PM IST
रामनगर: यदि आप भी भविष्य में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर नैनीताल में आने का प्लान बना रहे है तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. क्योंकि जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के नाम पर ठगी भी की जा रही है. ऐसे ही एक मामला पुलिस के सामने आया है, जहां वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के साथ ठगी हुई है. फोटोग्राफर ने इस मामले में रामनगर पुलिस को तहरीर भी दी है.
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर एस प्रशांत पुत्र शंकर मूर्ति निवासी नागराबाब बेंगलुरु ने बताया कि वह अपनी एक महिला मित्र के साथ जिम कॉर्बेट पार्क के ढिकाला जोन में सफारी के लिए आए थे. उन्होंने बताया कि समस्त बुकिंग फरमान पुत्र नामालूम निवासी खताड़ी रामनगर द्वारा कराई गई थी.
पीड़ित के अनुसार फरमान के कहने पर वें 23 दिसंबर 2025 की रात 11 बजे दिल्ली पहुंचे और होटल में रुके, जिसका किराया 1874 रुपए उन्होंने खुद भुगतान किया. इसके बाद 24 दिसंबर को फरमान द्वारा भेजी गई टैक्सी से वे दिल्ली से रामनगर पहुंचे, जिसका किराया 9000 रुपये उन्होंने अदा किया. रामनगर पहुंचने पर उन्होंने कॉर्बेट क्राउन रिसॉर्ट में एक दिन का कमरा 1871 रुपये में बुक किया, क्योंकि 25 दिसंबर की सुबह उन्हें सफारी पर जाना था.
पीड़ित का आरोप है कि सफारी के दिन फरमान ने जिप्सी भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन दोपहर तक कोई जिप्सी नहीं आई. बाद में फरमान खुद आया और बताया कि दोपहर की सफारी रद्द हो गई है. जब अगले दिन यानी 26 दिसंबर की सफारी के बारे में पूछा गया तो उसने साफ मना कर दिया. बाद में पीड़ित ने परमिट की जांच कराई तो पता चला कि फरमान का परमिट फर्जी था.
पीड़ित ने बताया कि फरमान ने अगले वर्ष फरवरी में नागपुर के पेंच टाइगर रिजर्व के लिए भी 22 हजार रुपये एडवांस ले रखे हैं, जिसका परमिट भी अब तक नहीं दिया गया. कुल मिलाकर बेंगलुरु से रामनगर तक आने-जाने, ठहरने, खाने और अन्य खर्चों को मिलाकर लगभग 1.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. साथ ही मानसिक तनाव और समय की भी क्षति हुई है. पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना देने पर फरमान को थाने ले जाया गया और मामले की जांच शुरू की गई.
पीड़ित का आरोप है कि फरमान ने एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट फुल पैकेज और सफारी बुकिंग के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की है. वहीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल ने कहा कि फर्जी वेबसाइटों और टूर ऑपरेटर्स के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है. इस मामले में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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