फर्रुखाबाद: बिना अनुमति सागौन के 74 पेड़ काटने पर एक्शन; वनरक्षक सस्पेंड, वन दरोगा को चार्जशीट
चार सदस्यीय टीम की जांच के बाद वन विभाग ने वनरक्षक सनी को निलंबित कर दिया है, जबकि वन दरोगा के खिलाफ चार्जशीट भेजी गई.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 10:00 PM IST
फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिला अंतर्गत नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला दमू में एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां बिना अनुमति के सागौन के 74 पेड़ अवैध रूप से काटने के मामले में डीएफओ ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रभागीय वनाधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए लापरवाही बरतने वाले वनरक्षक सनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
इसके साथ ही मामले में संलिप्त पाए गए वन दरोगा राकेश तिवारी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कंजरवेटर को भेज दी गई है.
ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों ने लिया संज्ञान: अधिकारियों के अनुसार वन दरोगा राकेश तिवारी पर भी विभागीय स्तर से बड़ी कार्रवाई होना पूरी तरह तय माना जा रहा है. डीएफओ राजीव कुमार ने मीडिया को बताया कि ग्राम नगला दमू में कुछ ठेकेदारों द्वारा अवैध कटान की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में सागौन, नीम और यूकेलिप्टस के कई कीमती पेड़ काफी समय से खड़े थे. लेकिन बीते दिनों बिना किसी वैध अनुमति के ही स्थानीय ठेकेदारों ने चुपके से इन पेड़ों का कटान शुरू करवा दिया था.
रात के अंधेरे में आरा मशीन भेजे गए कीमती पेड़: ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर मौके पर पहुंचे वन दरोगा राकेश तिवारी ने उस समय पेड़ न काटने की बात कहकर लोगों को शांत करा दिया था. मगर वन दरोगा के जाते ही ठेकेदार ने दो-तीन रातों के भीतर ही पूरे बाग के सभी कीमती पेड़ों को कटवा दिया. पेड़ों को काटने के बाद आरोपी ठेकेदारों ने लकड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए उन्हें तुरंत आरा मशीन पर भिजवा दिया. इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तो वन विभाग ने इसकी आंतरिक जांच शुरू कराई.
चार सदस्यीय जांच टीम ने दोनों को पाया दोषी: डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए फर्रुखाबाद के वन क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई थी. जांच टीम ने जब मौके पर जाकर तफ्तीश की, तो पता चला कि प्रतिबंधित प्रजाति में शामिल सागौन के कुल 74 पेड़ों को बेरहमी से काटा गया था. विस्तृत जांच रिपोर्ट में टीम ने इस पूरे अवैध कटान के लिए सीधे तौर पर वन दरोगा राकेश तिवारी और वनरक्षक सनी को मुख्य रूप से दोषी पाया.
कंजरवेटर को भेजी गई रिपोर्ट, आगे की कार्रवाई जारी: जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएफओ राजीव कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी वनरक्षक सनी को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए. वहीं प्रशासनिक नियमों के तहत वन दरोगा पर बड़ी कार्रवाई के लिए चार्जशीट बनाकर उच्चाधिकारी यानी कंजरवेटर को प्रेषित की गई है. वन विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले और माफियाओं का साथ देने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई पूरी कड़ाई के साथ अमल में लाई जा रही है.

