अहिल्याबाई होल्कर की जयंती; फर्रुखाबाद में गुरुगांव देवी मंदिर से लाल गेट तक निकाली गई शोभायात्रा, स्वागत में उमड़े लोग
मालवा राज्य की शासक रहीं महारानी अहिल्याबाई होल्कर को "लोकमाता अहिल्याबाई" तथा "पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर" भी कहा जाता है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 1, 2026 at 8:23 AM IST
फर्रुखाबाद : महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 301 वीं जयंती के अवसर पर रविवार को फर्रुखाबाद में पाल समाज के लोगों ने भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया. जयदेव पाल के नेतृत्व में शोभा यात्रा थाना मऊदरवाजा क्षेत्र स्थित गुरुगांव देवी मंदिर से शुरू होकर शहर के लाल गेट फव्वारे पर संपन्न हुई. पाल समाज के लोगों ने शोभा यात्रा का रास्ते में जगह-जगह पुष्प बरसा कर स्वागत किया. शोभायात्रा में कई सामाजिक संगठनों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए.

त्रिपोलिया चौक पर पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल, घुमना चौराहा पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने शोभायात्रा का स्वागत किया. शोभा यात्रा में युवाओं का हुजूम देखने को मिला. जयदेव पाल ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर भारत के इतिहास की सबसे सम्मानित और दूरदर्शी महिला शासकों में थीं. उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी (वर्तमान में जिला अहिल्यानगर) में हुआ था. बाद में वे मालवा राज्य की शासक बनीं और 1767 से 1795 तक शासन किया. उन्हें प्रेमपूर्वक "लोकमाता अहिल्याबाई" तथा "पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर" कहा जाता है.
शोभायात्रा के आयोजक जयदेव पाल ने कहा शोभा यात्रा का उद्देश्य महारानी अहिल्याबाई होल्कर के सिद्धांतों, नीतियों और उनकी दूरदर्शिता के प्रति समाज के लोगों और युवाओं को जागरूक करना है. शोभा यात्रा में राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौर, जिला पंचायत सदस्य विमल यादव, फर्रुखाबाद विकास मंच के अध्यक्ष भईयन मिश्रा, अभिषेक सिंह, पंकज पाल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.

