किसानों ने घड़साना एसडीएम कार्यालय का किया घेराव, रबी फसल पकने तक चार में से दो समूह में पानी की मांग
एसडीएम प्रिया बजाज ने कहा कि किसानों की मांग जायज है और इसे सिंचाई विभाग को भेज दिया गया है.

Published : December 30, 2025 at 7:10 PM IST
अनूपगढ़: रबी फसलों के पकने के नाजुक दौर में सिंचाई पानी की कटौती से चिंतित इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के किसानों ने मंगलवार को घड़साना में प्रदर्शन किया. अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव करते हुए मार्च तक चार में से दो समूह में सिंचाई पानी देने की मांग रखी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं मानी गई तो फसलें बर्बाद होने के साथ-साथ आंदोलन और तेज किया जाएगा.
घड़साना में आईजीएनपी से जुड़े किसानों ने रबी फसलों की पकाई के लिए पर्याप्त पानी की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय का घेराव किया. किसानों ने मार्च तक आईजीएनपी में चार में से दो समूह में पांच बार सिंचाई पानी उपलब्ध कराने की मांग की. उनका कहना था कि यदि तीन में से एक समूह में ही पानी दिया गया तो गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी. किसानों का कहना था कि इस बार बांधों में पर्याप्त पानी होने के कारण बुआई के समय चार में से दो समूह में पानी दिया गया था, जिससे क्षेत्र में गेहूं और सरसों की भरपूर बुआई हुई. अब फसलों की बढ़वार और पकने के लिए पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है. ऐसे में यदि पानी की कटौती की गई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
पढ़ें: जैसलमेर: पानी को लेकर फिर उबाल, किसानों ने इंदिरा गांधी नहर कार्यालय का किया घेराव
किसान नेता राजू जाट ने कहा कि यदि सरकार किसानों को तीन में से एक समूह में ही सिंचाई पानी देती है तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी, इसलिए फसल पकने तक चार में से दो समूह में पानी दिया जाना जरूरी है. वहीं, किसान नेता भूपराम, पूगल ब्रांच अध्यक्ष ने आईजीएनपी के लोहगढ़ हैड के पास बने लिंक चैनल नंबर 496 को स्थायी रूप से बंद करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे पानी का भारी नुकसान हो रहा है और भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार गंगा नहर को पानी देने की बात अनुचित है, जिसे आईजीएनपी का किसान बर्दाश्त नहीं करेगा.
यूरिया की आपूर्ति नहीं होने से नाराजगी: किसान नेता शोभा सिंह ढिल्लो ने यूरिया और डीएपी खाद की समय पर आपूर्ति नहीं होने पर नाराजगी जताई. उन्होंने खाद के बड़े डीलरों के गोदामों की जांच कर कालाबाजारी रोकने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बकाया क्लेम का भुगतान, रावला क्षेत्र के किसानों को सरसों की फसल का बकाया दिलाने और डब्बर मोड़ से घड़साना मंडी तक कुंपनी रोड के पुनर्निर्माण की मांग रखी. इधर, घेराव को देखते हुए प्रशासन ने एसडीएम कार्यालय के चारों ओर बैरिकेड्स लगाए और भारी पुलिस बल तैनात किया. एसडीएम प्रिया बजाज ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ही कार्य किया जा रहा है. किसानों की मांग जायज है और इसे सिंचाई विभाग को भेज दिया गया है. हनुमानगढ़ में जल परामर्श समिति की बैठक चल रही है, उसी के निर्णय के बाद आगे का फैसला होगा.

