हांसी अनाज मंडी के बाहर कल किसान संगठन करेंगे तालाबंदी, फसल खरीद के बाद भुगतान में देरी से नाराज हैं किसान
फसल खरीद में परेशानी और भुगतान में देरी से परेशानी किसानों ने 20 अप्रैल को हांसी अनाज मंडी में तालाबंदी करने का ऐलान किया है.

Published : April 19, 2026 at 7:44 PM IST
|Updated : April 19, 2026 at 7:50 PM IST
हांसी: हरियाणा में गेहूं खरीद के इन नए नियमों के विरोध में हांसी अनाज मंडी में रविवार को किसान संगठनों और आढ़तियों की बड़ी बैठक का आयोजन किया गया. नए नियमों से होने वाली परेशानी के विरोध में सोमवार को किसानों नेताओं ने मंडी के गेट पर तालाबंदी करने का ऐलान किया है. इस कदम को आढ़तियों ने समर्थन देने का ऐलान किया है.
किसानों की मांगः पंजाब की तर्ज पर हरियाणा में भी जे-फार्म के आधार पर किसानों को पेमेंट होने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठी है. फिलहाल हरियाणा में गेहूं की लिफ्टिंग होने और गोदाम में अनाज पहुंचने के 72 घंटे के बाद किसानों को पेमेंट होने का रूल है. इस लिफ्टिंग आधार पर पेमेंट प्रक्रिया को बदलकर जे-फार्म आधारित प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसान और अनाज मंडी आढ़तियों ने मांग की है.
पोर्टल की समस्या से किसान परेशानः हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन और भारतीय किसान मजदूर यूनियन का कहना है कि सरकार ने अनाज मंडी के खरीद पोर्टल को प्राइवेट एजेंसी को ठेके पर दे रखा है. पोर्टल ठीक ढंग से नहीं चल रहा है, जिस कारण किसान और आढ़ती काफी परेशान हैं. कई जगहों पर उठान न होने से किसानों की पेमेंट अटकी हुई है.
सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक तालाबंदी: हांसी में बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 अप्रैल को मार्केट कमेटी के गेट पर तालाबंदी कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. भारतीय किसान मजदूर यूनियन प्रधान सुरेश कोथ ने कहा कि "20 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन में किसानों की भारी भीड़ एकत्रित होगी. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे हरियाणा में मार्केट कमेटी के दफ्तरों को सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक ताला बंदी की जाएगी."
लाखों क्विंटल गेहूं की आवक, समय पर उठान नहीं: किसानों और अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामअवतार तायल ने कहा कि "नए नियमों से न केवल खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों को अपनी फसल बेचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है." उन्होंने आरोप लगाया कि "मौजूदा व्यवस्था में कमी है और इससे किसानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है. अनाज मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है लेकिन उठान समय पर नहीं हो रहा है."
आढ़ती और किसान परेशान: किसान नेताओं का आरोप है कि "उठान न होने से किसानों के बैंक खाते में गेहूं की पेमेंट भी नहीं हो रही है. जिस कारण अनाज मंडी आढ़ती और किसान दोनों ही परेशान हैं. गेहूं बेचने आए किसानों का बार-बार अंगूठा लगाना, आंखें स्कैन करना व्यवहारिक नहीं है."
मैनुअल गेट पास से होगी परेशानीः प्रधान रामअवतार तायल ने कहा कि "किसानों और आढ़तियों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने मैनुअल गेट पास काटने के आदेश जारी किए. लेकिन ऑनलाइन गेट पास के बगैर किसानों के खातों में पेमेंट नहीं जाएगी. सरकार अपना पोर्टल सिस्टम भी दुरुस्त रखे."
जे-फार्म के आधार पर किसानों को पेमेंट की मांगः किसान नेता सुरेश कौथ और व्यापारी नेता डॉ. राम अवतार तायल ने कहा कि "हरियाणा सरकार पंजाब सरकार की तर्ज पर किसानों की पेमेंट जारी करे. हरियाणा में उठान के बाद 72 घंटे में पेमेंट होने का नियम है. लेकिन यहां उठान बहुत ही धीमी गति से हो रहा है. हमारी मांग है कि जे-फार्म के आधार पर किसानों को सरकारी खजाने से पेमेंट हो जानी चाहिए."
'कछुआ चाल से हो रहा है उठान': किसान नेता धर्मपाल बडाला ने कहा कि "हरियाणा में उठान की कछुआ चाल के कारण किसानों को गेहूं बेचने के कई दिन तक पेमेंट का इंतजार करना पड़ता है. उन्होंने विशेष रूप से जे-फॉर्म के आधार पर खरीद प्रणाली लागू करने की मांग की, ताकि किसानों को भुगतान और रिकॉर्ड में किसी प्रकार की परेशानी न हो."
'मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन किया जाएगा तेज': किसान नेताओं और आढ़तियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि "20 अप्रैल की तालाबंदी सिर्फ शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो आगे बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे." किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके और किसी को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े."

